पीथमपुर ऑयल कंपनी हादसे में तीन मजदूरों की मौत
मध्य प्रदेश के पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में रविवार रात एक प्राइवेट ऑयल कंपनी में टैंक की सफाई के दौरान तीन मजदूरों की मौत हो गई। घटना के बाद कंपनी प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया गया है। हादसे के बाद से स्थानीय मजदूर संगठन और जयस संगठन ने कंपनी के खिलाफ प्रदर्शन किया और मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने की मांग की।
घटना का विवरण
रविवार शाम करीब 7 बजे ऑयल टैंक की सफाई के दौरान एक मजदूर बेहोश हो गया। उसे बचाने के लिए दूसरा और फिर तीसरा मजदूर टैंक में उतरा, लेकिन सभी बेहोश हो गए। चौथे मजदूर ने रस्सी की मदद से उन्हें बाहर निकाला। तीनों को पहले एक निजी अस्पताल और फिर इंदौर के एमवाय अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
कंपनी पर लापरवाही का आरोप
कंपनी ने हादसे की जानकारी छह घंटे तक छुपाए रखी और पुलिस को समय पर सूचना नहीं दी। घटना के बाद हेल्थ एंड सेफ्टी विभाग की टीम ने जांच की और बताया कि कंपनी जले हुए तेल को पुनः उपयोगी बनाने का काम करती है। कलेक्टर ने मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं और कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कदम उठाए जाएंगे।
मजदूर संगठनों की मांग
जयस संगठन और अखिल भारतीय मजदूर संघ ने मृतकों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग की है। संगठनों ने आरोप लगाया कि कंपनी ने सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए थे, जिससे यह हादसा हुआ। प्रदर्शनकारी प्रशासन और प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
औद्योगिक हादसों के बढ़ते मामलों ने सुरक्षा उपायों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना ने मजदूरों की कार्यस्थल पर सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया है। प्रशासन ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।