प्रज्ञानानंदा ने सेंट लुइस रैपिड एंड ब्लिट्ज खिताब जीता, एक राउंड बाकी रहते मिली जीत

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प्रज्ञानानंदा ने सेंट लुइस रैपिड एंड ब्लिट्ज खिताब जीता, एक राउंड बाकी रहते मिली जीत

प्रज्ञानानंदा ने सेंट लुइस रैपिड एंड ब्लिट्ज खिताब जीता

भारत के ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञानानंदा ने अमेरिका के सेंट लुइस में खेले गए ग्रैंड चेस टूर (GCT) के सेंट लुइस रैपिड एंड ब्लिट्ज टूर्नामेंट का खिताब जीत लिया। रैपिड राउंड के बाद प्रज्ञानानंदा पॉइंट्स टेबल में टॉप पर थे। ब्लिट्ज के दूसरे अंतिम राउंड में उन्होंने उज्बेकिस्तान के जावोखिर सिंदारोव के खिलाफ मुकाबला ड्रॉ खेलकर एक राउंड बाकी रहते ही खिताब अपने नाम कर लिया।

उन्होंने 35 में से 23.5 अंक जुटाए और दूसरे स्थान पर रहे सिंदारोव (22 अंक) से 1.5 अंक आगे रहकर अपने करियर का पहला GCT रैपिड एंड ब्लिट्ज खिताब जीता। इस जीत पर उन्हें 50 हजार डॉलर (करीब ₹48 लाख) की प्राइज मनी और 13 GCT अंक मिले।

ब्लिट्ज के अंतिम राउंड

प्रज्ञानानंदा पूरे पांच दिन चले टूर्नामेंट में टॉप पर बने रहे। सिंदारोव ने आखिरी दिन तक उन्हें कड़ी टक्कर दी, लेकिन भारतीय ग्रैंडमास्टर ने अपनी बढ़त बरकरार रखी। ब्लिट्ज के अंतिम नौ राउंड में उन्होंने तीन मुकाबले जीते, पांच ड्रॉ खेले और सिर्फ एक मैच गंवाया।

प्रज्ञानानंदा ने सिर्फ संयुक्त खिताब ही नहीं जीता, बल्कि रैपिड और ब्लिट्ज दोनों राउंड में सबसे ज्यादा अंक भी जुटाए। मैच के बाद उन्होंने कहा, ‘स्कोर देखकर सब कुछ आसान लगता है, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं था। सिंदारोव ने आखिर तक कड़ी टक्कर दी।’

खिताब कैसे पक्का हुआ

ब्लिट्ज के दूसरे अंतिम राउंड में प्रज्ञानानंदा का सामना सीधे सिंदारोव से हुआ। इस मुकाबले में ड्रॉ उनके लिए खिताब सुनिश्चित करने के लिए काफी था। मैच के एंडगेम में मोहरे का नुकसान होने के बावजूद उन्होंने शानदार बचाव किया और मुकाबला ड्रॉ करा लिया। इसके साथ ही आखिरी राउंड से पहले ही उनका खिताब पक्का हो गया।

सिंकफील्ड कप और आगे

ग्रैंडचेस टूर का अगला टूर्नामेंट सिंकफील्ड कप 10 अगस्त से शुरू होगा। यह GCT फाइनल्स से पहले का आखिरी टूर्नामेंट है। इसके बाद टॉप-4 खिलाड़ी GCT फाइनल्स में जगह बनाएंगे, जहां विजेता को 2 लाख डॉलर की प्राइज मनी मिलेगी।

हालिया फॉर्म

प्रज्ञानानंदा शानदार फॉर्म में हैं। इससे पहले जून 2026 में उन्होंने नॉर्वे चेस का खिताब भी जीता था। ओस्लो में खेले गए टूर्नामेंट के अंतिम राउंड में उन्होंने जर्मनी के विंसेंट कीमर को हराकर ट्रॉफी अपने नाम की थी। उन्होंने अंतिम दौर में लगातार चार क्लासिकल मुकाबले जीतकर यह उपलब्धि हासिल की थी।

नॉर्वे चेस जीतने के बाद तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने चेन्नई स्थित मुख्य सचिवालय में प्रज्ञानानंदा को सम्मानित किया था। स्पोर्ट्स डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ तमिलनाडु (SDAT) की ओर से उन्हें 50 लाख रुपए का पुरस्कार दिया गया था। इस दौरान मुख्यमंत्री ने उनके साथ शतरंज की कुछ चालें भी चली थीं।

करियर

तमिलनाडु के चेन्नई के रहने वाले आर प्रज्ञानानंदा का जन्म 10 अगस्त 2005 को हुआ था। वे 2018 में 12 साल, 10 महीने और 13 दिन की उम्र में ग्रैंडमास्टर बने थे। उस समय वे भारत के सबसे युवा और दुनिया के दूसरे सबसे युवा ग्रैंडमास्टर थे। उनकी बड़ी बहन आर वैशाली भी ग्रैंडमास्टर हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं।

सेंट लुइस रैपिड एंड ब्लिट्ज ग्रैंड चेस टूर का हिस्सा है, जिसमें दुनिया के कई शीर्ष ग्रैंडमास्टर हिस्सा लेते हैं। इस खिताब के साथ प्रज्ञानानंदा ने अंतरराष्ट्रीय सर्किट में एक और बड़ी सफलता अपने नाम की।

L. N. Bhargava