पटना कोर्ट ने अनंत सिंह की जमानत याचिका खारिज की
दुलारचंद यादव हत्याकांड मामले में पटना सिविल कोर्ट ने विधायक अनंत सिंह की जमानत याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए उन्हें जमानत देने से इनकार किया। अनंत सिंह ने याचिका में खुद को निर्दोष बताते हुए इस मामले से अपना कोई संबंध नहीं होने का दावा किया था।
क्या है मामला?
30 अक्टूबर 2025 को मोकामा के घोसवरी थाना क्षेत्र में राजद नेता और जनसुराज के प्रत्याशी दुलारचंद यादव की हत्या हुई थी। आरोप अनंत सिंह पर लगे थे, जिन्हें 1 नवंबर की रात गिरफ्तार कर लिया गया। 2 नवंबर को कोर्ट में पेश करने के बाद उन्हें बेऊर जेल भेज दिया गया।
अनंत सिंह का दावा
अनंत सिंह ने खुद को राजनीतिक प्रतिशोध का शिकार बताया और कहा कि इस मामले में उनका कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष संबंध नहीं है। उन्होंने दावा किया कि घटना के दौरान कोई साजिश या मंशा नहीं थी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में भी कहा गया है कि मृतक की मृत्यु गोली से नहीं, बल्कि भारी चोट की वजह से हुई है।
जांच और कोर्ट का निर्णय
पटना SSP ने बताया कि घटना के वक्त अनंत सिंह वहां मौजूद थे। उनके खिलाफ आदर्श आचार संहिता उल्लंघन और हत्या का आरोप है। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी। अनंत सिंह के वकील ने कहा कि वह पटना हाईकोर्ट में अपील करेंगे।
अनंत सिंह की राजनीतिक पृष्ठभूमि
अनंत सिंह मोकामा सीट से 2005 से 5 बार विधायक रह चुके हैं। उन्होंने विभिन्न पार्टियों से जीत हासिल की है। AK-47 मामले में अयोग्य घोषित होने के बाद उनकी पत्नी नीलम देवी ने 2022 में चुनाव लड़कर जीत दर्ज की थी। 2025 के विधानसभा चुनाव में अनंत सिंह ने वापसी की और मोकामा सीट से विजयी रहे।
Janmejay Chaturvedi