राहुल गांधी ने RSS-भाजपा पर कायरता का आरोप, चीन के बयान का दिया हवाला

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राहुल गांधी  ने RSS-भाजपा पर कायरता का आरोप, चीन के बयान का दिया हवाला

राहुल गांधी ने RSS-भाजपा पर कायरता का आरोप लगाया

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को कोलंबिया में आयोजित 'द फ्यूचर इज टुडे' कॉन्फ्रेंस में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि इनकी विचारधारा के मूल में कायरता है। राहुल ने विदेश मंत्री एस जयशंकर के 2023 में चीन को लेकर दिए गए बयान का हवाला देते हुए कहा कि जयशंकर ने कहा था, "चीन हमसे कहीं ज्यादा शक्तिशाली है। हम उनसे कैसे लड़ सकते हैं?" राहुल ने इसे भाजपा और RSS की मानसिकता का प्रतीक बताया।

कोलंबिया में राहुल गांधी

राहुल गांधी इन दिनों साउथ अमेरिका के 10 दिन के दौरे पर हैं। इस दौरान वे कोलंबिया के अलावा ब्राजील, पेरू और चिली का दौरा करेंगे। 'द फ्यूचर इज टुडे' कॉन्फ्रेंस में उन्होंने भारत में लोकतंत्र, नौकरियों, और संस्थानों पर हो रहे हमले पर भी बात की। उन्होंने कहा कि भारत में लोकतंत्र पर हमला हो रहा है, जिससे देश की विविधता और लोकतांत्रिक मूल्यों पर खतरा मंडरा रहा है।

भाजपा का पलटवार

राहुल गांधी के बयान पर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी। भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा कि जब भारत मोदी सरकार के तहत मजबूत हो रहा है और एक बड़ी अर्थव्यवस्था बन रहा है, तब राहुल गांधी जलन और गुस्से से ऐसे बयान दे रहे हैं। शहजाद पूनावाला ने राहुल पर आरोप लगाया कि वे विदेश में भारत की बदनामी कर रहे हैं और मोदी सरकार के खिलाफ बोलते-बोलते भारत की संस्थाओं पर भी सवाल उठा रहे हैं।

भारत में लोकतंत्र पर सवाल

राहुल गांधी ने कहा कि भारत में सत्ता में बैठे लोग चाहते हैं कि हर संस्थान उनके हिसाब से काम करे। उन्होंने कहा कि असहमति की आवाज को दबाना लोकतंत्र के खिलाफ है। छात्रों के सवाल-जवाब के दौरान उन्होंने भारत में नौकरियों की कमी, नोटबंदी और जीएसटी के प्रभाव पर भी बात की। उन्होंने कहा कि इन कदमों ने भारतीय अर्थव्यवस्था को बर्बाद कर दिया है।

भारत-चीन की तुलना

राहुल गांधी ने कहा कि भारत को चीन से सीखना चाहिए कि प्रोडक्शन को कैसे बढ़ाया जाए, लेकिन लोकतांत्रिक तरीके से। उन्होंने कहा कि भारत में सब कुछ 'मेड इन चाइना' है, यही कारण है कि भारत में रोजगार की समस्या बढ़ रही है।

भविष्य की चुनौतियों पर चर्चा

कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने एआई, हेल्थ और एजुकेशन के महत्व पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि भारत को गरीब तबके को सरकारी सुविधाएं प्रदान करनी चाहिए ताकि देश सफल हो सके। उन्होंने बताया कि एआई हेल्थ और एजुकेशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

राहुल गांधी ने यह भी कहा कि भारत को चाइना की तरह जनसंख्या को लेकर सख्त कानून नहीं लाना चाहिए, बल्कि लोगों को रोजगार के अवसर देने चाहिए। उन्होंने कहा कि सीमित मौकों की वजह से लोगों में मानसिक समस्याएं बढ़ रही हैं।

निष्कर्ष

राहुल गांधी के इस बयान ने एक बार फिर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक विवाद को जन्म दिया। भाजपा ने उनके बयान को भारत विरोधी करार दिया, जबकि राहुल ने लोकतंत्र, नौकरियों और संस्थानों की सुरक्षा पर चिंता जाहिर की। यह बयान आगामी राजनीतिक बहस का केंद्र बन सकता है।