राजस्थान में भाजपा नेताओं की राजनीतिक नियुक्तियाँ दो महीने टलीं
राजस्थान में भाजपा सरकार बनने के बाद से ही बोर्ड-आयोगों में राजनीतिक नियुक्तियों का इंतजार किया जा रहा है। पहले उम्मीद थी कि साल 2026 की शुरुआत में नियुक्तियां देखने को मिल सकती हैं, लेकिन वह समय भी अब निकल गया है। इन दिनों सरकार पंचायत चुनाव की तैयारी में जुट गई है, ऐसे में माना जा रहा है कि फिलहाल राजनीतिक नियुक्तियों का इंतजार और बढ़ गया है। पंचायत चुनाव के चलते अगले दो महीने तक किसी तरह की नियुक्तियां नहीं हो पाएंगी।
लोकसभा चुनाव से पहले हुई थीं कुछ नियुक्तियाँ
दिसंबर 2023 में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के सत्ता संभालते ही राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर अटकलें तेज हो गई थीं। 7 फरवरी 2024 को बीजेपी नेता ओंकार सिंह लखावत को राजस्थान धरोहर प्राधिकरण का अध्यक्ष बनाया गया था। इसके बाद, 16 मार्च 2024 को लोकसभा चुनाव की घोषणा से ठीक पहले भजनलाल सरकार ने सात बड़ी राजनीतिक नियुक्तियां की थीं। इनमें नागौर से पूर्व बीजेपी सांसद सीआर चौधरी को राजस्थान किसान आयोग अध्यक्ष, और जोधपुर से पूर्व बीजेपी सांसद जसवंत विश्नोई को जीव जंतु कल्याण बोर्ड का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था।
इसके अतिरिक्त, ओमप्रकाश भडाना को देवनारायण बोर्ड अध्यक्ष, पूर्व विधायक प्रेम सिंह बाजौर को राज्य स्तरीय सैनिक कल्याण सलाहकार समिति का अध्यक्ष, प्रहलाद टाक को यादे माटी कला बोर्ड अध्यक्ष, राजेंद्र नायक को राजस्थान राज्य एससी वित्त निगम अध्यक्ष और रामगोपाल सुथार को विश्वकर्मा कौशल विकास बोर्ड का अध्यक्ष बनाया गया था। वहीं, 2 अगस्त 2025 को भाजपा नेता अरुण चतुर्वेदी को राज्य वित्त आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। इसके बाद से प्रदेश के नेता अन्य राजनीतिक नियुक्तियों की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
लगभग 104 बोर्ड-आयोगों में रिक्त पद
प्रदेश में करीब 104 संवैधानिक, शैक्षणिक और प्रशासनिक आयोग-बोर्ड-अथॉरिटी हैं। इनमें जन अभाव अभियोग निराकरण समिति, हाउसिंग बोर्ड, आरटीडीसी अध्यक्ष, बीस सूत्री कार्यक्रम उपाध्यक्ष, महिला आयोग अध्यक्ष समेत सदस्यों और अन्य महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्तियां होनी हैं। राज्य में अब तक केवल नौ बोर्ड-आयोगों में ही नियुक्तियां हो पाई हैं।
कई वरिष्ठ नेता भी इन राजनीतिक नियुक्तियों की दौड़ में शामिल हैं, जिनमें पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी, सतीश पूनिया, पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़, पूर्व राज्यसभा सांसद नारायण पंचारिया और पूर्व महिला आयोग अध्यक्ष सुमन शर्मा के नाम चर्चाओं में हैं। साथ ही, कांग्रेस से भाजपा में आए कुछ नेताओं को भी विभिन्न बोर्ड-आयोगों में समायोजित किए जाने की संभावना है।
Sharad Shrivastava