राज्यसभा चुनाव: ओडिशा में BJP-BJD विधायकों की भिड़ंत, बिहार में महागठबंधन को लगा झटका

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राज्यसभा चुनाव: ओडिशा में BJP-BJD विधायकों की भिड़ंत, बिहार में महागठबंधन को लगा झटका

राज्यसभा चुनाव: बिहार, हरियाणा और ओडिशा में मतदान, क्रॉस वोटिंग से बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी

सोमवार को हरियाणा, बिहार और ओडिशा की 11 राज्यसभा सीटों के लिए मतदान संपन्न हुआ, जिसके परिणाम आज देर रात तक आने की उम्मीद है। इन तीनों राज्यों में कुल 14 उम्मीदवार मैदान में थे। मतदान के दौरान कई राज्यों में क्रॉस वोटिंग और विधायकों की अनुपस्थिति ने राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी।

ओडिशा में क्रॉस वोटिंग और BJP-BJD की भिड़ंत

ओडिशा में चार राज्यसभा सीटों के लिए हुए चुनाव में पांच उम्मीदवारों के बीच मुकाबला था। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष भक्त चरण दास ने पुष्टि की है कि कांग्रेस विधायक दाशरथी गमांग, सोफिया फिरदोस और रमेश जेना ने पार्टी लाइन से हटकर मतदान किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बीजेडी के सौभिक बिस्वाल और चक्रमणि कंअर सहित कुल पांच विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की। इसके अलावा, मतदान के दौरान भाजपा और बीजेडी विधायकों के बीच भी झड़प की खबर सामने आई। ओडिशा विधानसभा में कुल 147 सीटें हैं, और एक सीट पर जीत के लिए 30 विधायकों का समर्थन आवश्यक है। भाजपा के मनमोहन सामल और सुजीत कुमार की जीत तय मानी जा रही है, जबकि बीजेडी ने संत्रुप्त मिश्रा और दत्तेश्वर होता को मैदान में उतारा है। मिश्रा की जीत निश्चित है, लेकिन चौथी सीट पर पेंच फंसा है, जहां भाजपा ने दिलीप राय को समर्थन दिया है।

बिहार में महागठबंधन के विधायकों की अनुपस्थिति और NDA की बढ़त

बिहार की पांच राज्यसभा सीटों के लिए छह उम्मीदवार मैदान में थे। यहां एनडीए के सभी 202 विधायकों ने वोट डाले, जबकि महागठबंधन की तरफ से केवल 37 विधायकों ने मतदान किया। कांग्रेस के तीन और आरजेडी के एक विधायक ने वोट नहीं डाला, जिसमें कांग्रेस के सुरेंद्र कुशवाहा और मनोज विश्वास से पार्टी का संपर्क नहीं हो पा रहा था। हालांकि, बाद में तेजस्वी यादव ने दावा किया कि एआईएमआईएम और बसपा के समर्थन से महागठबंधन के पास अब 41 विधायक हो गए हैं, जिससे वे चुनौती देने को तैयार हैं। वहीं, एनडीए ने पांचों सीटों पर अपनी जीत का भरोसा जताया है। जेडीयू सांसद संजय झा ने कहा कि एनडीए सभी पांचों सीटें बड़े अंतर से जीतेगी।

हरियाणा में INLD की दूरी और कांग्रेस की चिंता

हरियाणा में दो सीटों के लिए तीन उम्मीदवार मैदान में थे। राज्य में 90 विधायकों में से 88 ने वोट डाला, जबकि इंडियन नेशनल लोकदल (आईएनएलडी) के दोनों विधायक अर्जुन चौटाला और आदित्य देवीलाल वोटिंग से दूर रहे। आईएनएलडी प्रमुख अभय चौटाला ने कहा कि भाजपा के 'जात-पात और मजहब' की राजनीति के कारण उन्होंने यह फैसला लिया। कांग्रेस के पास 37 विधायक हैं और उसे क्रॉस वोटिंग का डर सता रहा है, क्योंकि 2016 और 2022 में भी ऐसा हो चुका है जब संख्याबल होने के बावजूद पार्टी प्रत्याशी को हार का सामना करना पड़ा था। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पहला वोट डाला।

राज्यसभा में NDA को बहुमत का फायदा

देश की 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों में से 7 राज्यों की 26 सीटों पर उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध चुन लिए गए थे। इन 26 सीटों में एनडीए को 5 सीटों का फायदा हुआ। हरियाणा, बिहार और ओडिशा की 11 सीटों से एनडीए को 3 सीटों का और फायदा होने की संभावना है, जिससे कुल मिलाकर एनडीए को 8 सीटों का लाभ हो सकता है। इन चुनावों के बाद, एनडीए राज्यसभा में बहुमत (122 सीटों) के आंकड़े को पार करते हुए 129 सीटों तक पहुंच रहा है, जबकि विपक्ष के पास 115 सीटें हैं। यह एनडीए के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक बढ़त मानी जा रही है।

Lokendra Mishra