राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी का मामला पहुंचा PMO, अखिलेश यादव ने उठाए सवाल
भाजपा नेता ने PMO को लिखी चिट्ठी
अयोध्या के भाजपा नेता डॉ. रजनीश सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी की शिकायत की है। उन्होंने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि राम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है और ऐसे में दान और मंदिर प्रशासन से जुड़े आरोपों पर पारदर्शिता आवश्यक है। यदि आरोप निराधार हैं तो जांच से सच्चाई सामने लाई जाए, और यदि अनियमितता हुई है तो दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए।
अखिलेश यादव ने CBI जांच और CCTV फुटेज की मांग की
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक बार फिर राम मंदिर में कथित "चढ़ावा चोरी कांड" का मुद्दा उठाया है। उन्होंने X पर इस मामले की निष्पक्ष जांच और सच्चाई सामने लाने की मांग की है। अखिलेश यादव ने पूछा कि देश की आस्था से खिलवाड़ करने वालों के पीछे कौन लोग हैं और चढ़ावे में कथित चोरी करने वालों को कौन बचा रहा है। उन्होंने CCTV फुटेज सार्वजनिक करने में हो रही देरी पर भी सवाल उठाया और निजी कंपनियों की भूमिका पर भी प्रश्नचिह्न लगाया।
पूर्व सपा विधायक ने लगाया था करोड़ों की चोरी का आरोप
इससे पहले, अयोध्या में सपा के पूर्व विधायक व मंत्री रहे पवन पांडेय ने 7 जून को दावा किया था कि राम मंदिर में चढ़ावे से 5-7 करोड़ रुपये तक की चोरी की गई है। उन्होंने ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय को प्रभु श्रीराम की कसम खाकर आरोप झूठे साबित करने या FIR दर्ज कराने की चुनौती दी थी। अखिलेश यादव ने तब भी सरकार की चुप्पी को संदिग्ध बताया था और कोर्ट से स्वतः संज्ञान लेने की अपील की थी।
ट्रस्ट की ओर से आरोपों को किया गया निराधार बताया गया
हालांकि, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने इन आरोपों को निराधार बताया था और कहा था कि पाई-पाई का हिसाब रखा जाता है। लेकिन अखिलेश यादव ने उनके स्पष्टीकरण को भी अपर्याप्त बताते हुए कहा था कि ट्रस्ट के सभी सदस्यों को एक साथ बैठाकर, CCTV फुटेज के साक्ष्य के साथ स्पष्टीकरण दिया जाए।
राम मंदिर में चढ़ावे की गिनती की व्यवस्था
राम मंदिर में चढ़ावे की गिनती बैंक कर्मचारियों द्वारा ट्रस्ट के लोगों की मौजूदगी में, CCTV की निगरानी में की जाती है। दान की रकम रजिस्टर पर चढ़ाने के बाद मंदिर परिसर में बने लॉकर में सुरक्षित रखी जाती है और अगले दिन बैंक में जमा कर दी जाती है। चढ़ावे की रकम के ऑडिट का काम TCS की निगरानी में होता है।
Navjeet Kaur