राम मंदिर के अलावा अन्य आंदोलन से दूरी

· 1 min read
राम मंदिर के अलावा अन्य आंदोलन से दूरी

राम मंदिर आंदोलन के अलावा संघ का अन्य आंदोलनों से अलगाव

मोहन भागवत का बड़ा बयान

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने स्पष्ट किया है कि राम मंदिर आंदोलन संघ का एकमात्र समर्थित आंदोलन था। उन्होंने कहा कि संघकाशी और मथुराजैसे अन्य स्थलों के पुनरुद्धार से जुड़े किसी भी आंदोलन का समर्थन नहीं करेगा। हालांकि, संघ के स्वयंसेवकों को ऐसे आंदोलनों में शामिल होने की स्वतंत्रता है।

हिंदू-मुस्लिम आपसी विश्वास पर जोर

भागवत ने हिंदू और मुसलमानों के बीच आपसी विश्वास बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा किभारत में इस्लामका हमेशा स्थान रहेगा और यह हिंदू दृष्टिकोण नहीं है कि इस्लाम समाप्त हो जाए। उन्होंने धर्म को व्यक्तिगत पसंद का मामला बताते हुए प्रलोभन या जोर-जबरदस्ती से बचने की सलाह दी।

सड़कों के नाम और जनसंख्या असंतुलन पर विचार

सड़कों और कस्बों के नाम बदलने के मुद्दे पर भागवत ने कहा कि आक्रमणकारियों के नाम पर स्थानों का नाम नहीं होना चाहिए। हालांकि, एपीजे अब्दुल कलाम और अब्दुल हमीद जैसे नामों का स्वागत है। उन्होंनेधर्मांतरण और अवैध प्रवासनको जनसंख्या असंतुलन की बड़ी वजह बताते हुए समाज और सरकार दोनों से समाधान की पहल करने को कहा।

इस व्याख्यान श्रृंखला में भागवत ने आरएसएस की विचारधारा और भारत के सामाजिक ताने-बाने पर अपने विचार रखे। उन्होंने देश में समरसता और आपसी विश्वास को मजबूत करने की दिशा में काम करने की बात दोहराई।