राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पहली बार करेंगी नीम करोली बाबा के दर्शन
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 4 नवंबर को उत्तराखंड के नैनीताल स्थित कैंची धाम के दर्शन करने के लिए पहुंचेंगी। यह पहली बार है जब किसी भारतीय राष्ट्रपति नीम करोली बाबा के दर्शन करेंगे। नैनीताल के डीएम ललित मोहन रयाल ने इसकी जानकारी दी है।
सुरक्षा व्यवस्था और यातायात पर प्रभाव
राष्ट्रपति के दौरे को लेकर सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। भारतीय सेना के प्रेसिडेंट बॉडीगार्ड्स (PBG) जवान राष्ट्रपति की सुरक्षा का जिम्मा संभालेंगे। इसमें 4 अधिकारी, 11 जूनियर कमीशंड ऑफिसर (JCO) और 161 जवान शामिल होंगे। नैनीताल में यातायात को भी डायवर्ट किया जाएगा।
विशेष सत्र और दीक्षांत समारोह
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू दो नवंबर को उत्तराखंड पहुंचेंगी और हरिद्वार में एक कार्यक्रम में हिस्सा लेंगी। 3 नवंबर को देहरादून में विधानसभा के विशेष सत्र को संबोधित करेंगी। यह उत्तराखंड विधानसभा के इतिहास में दूसरा मौका होगा जब किसी राष्ट्रपति का विशेष सत्र में अभिभाषण होगा। 4 नवंबर को नैनीताल में कुमाऊं यूनिवर्सिटी के 20वें दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति 90 छात्रों को मेडल प्रदान करेंगी।
नीम करोली बाबा और कैंची धाम का महत्व
नीम करोली बाबा, जिन्हें उनके अनुयायी हनुमान जी का अवतार मानते हैं, का जन्म उत्तर प्रदेश के अकबरपुर में हुआ था। बाबा ने 1964 में कैंची धाम आश्रम की स्थापना की। कैंची धाम की आध्यात्मिक महत्ता ने कई प्रमुख हस्तियों जैसे स्टीव जॉब्स, मार्क जुकरबर्ग और जूलिया रॉबर्ट्स को आकर्षित किया है। पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भी हाल ही में बाबा के दर्शन कर चुके हैं।
राष्ट्रपति का दौरा न केवल आध्यात्मिक महत्व रखता है, बल्कि यह उत्तराखंड में विकास और सांस्कृतिक पहचान को भी उभारने का अवसर है।
Amit Pateria