रायसेन में गेहूं खरीदी केंद्रों पर किसानों की परेशानी
रायसेन जिले के सरकारी गेहूं खरीदी केंद्रों पर किसानों को भीषण गर्मी के बीच अपनी उपज की तुलाई के लिए 24 घंटे से लेकर दो-दो दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है। सलामतपुर, पगनेश्वर, खान जैसे स्थानों पर ट्रॉलियों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं।
बारदाने की कमी और धीमी गति
किसानों का आरोप है कि कई केंद्रों पर बारदाने की कमी है, वहीं कांटों की संख्या कम होने से तौल का कार्य धीमी गति से चल रहा है। कुछ केंद्रों पर देर से धुलाई शुरू होने के कारण किसानों को खुले आसमान के नीचे रातें बितानी पड़ रही हैं। गर्मी और अव्यवस्थाओं के कारण किसान काफी परेशान हैं।
गड़बड़ी और लापरवाही के आरोप
कई किसानों ने खरीदी केंद्रों पर गड़बड़ी और लापरवाही के आरोप भी लगाए हैं। उनका कहना है कि तौल और धुलाई प्रक्रिया में जानबूझकर देरी की जा रही है, जिसे अधिकारियों को अवगत कराने के बावजूद व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हो पा रहा है।
जिले में खरीदी का लक्ष्य और स्थिति
इस वर्ष रायसेन जिले में 77,121 किसानों ने गेहूं खरीदी के लिए पंजीयन कराया है। जिले को लगभग 6 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदी का लक्ष्य मिला है। अब तक लगभग 2.97 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी हो चुकी है। खरीदी का दबाव बढ़ने के साथ ही केंद्रों पर व्यवस्थाएं कमजोर पड़ने लगी हैं।
किसानों की मांग
किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि अतिरिक्त कांटे उपलब्ध कराए जाएं, पर्याप्त बारदाना की व्यवस्था हो और धुलाई की प्रक्रिया को तेज किया जाए, ताकि खरीदी प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी हो सके और उन्हें अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
Navjeet Kaur