रजिस्ट्रेशन के बिना नहीं चलेंगे कोचिंग संस्थान, टास्क फोर्स का गठन
राज्य सरकार ने कोचिंग संस्थानों और शैक्षणिक परिसरों में विद्यार्थियों पर बढ़ते टॉर्चर, तनाव और अकेलेपन की समस्या को गंभीरता से लिया है। इस दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए स्टेट टास्क फोर्स (STF) का गठन किया गया है। इसके तहत राज्य के किसी भी जिले में बिना पंजीयन कोई कोचिंग संस्था संचालित नहीं होगी।
शैक्षणिक दबाव और मानसिक तनाव पर नियंत्रण
सरकार का मानना है कि इस टास्क फोर्स के जरिए विद्यार्थियों पर बढ़ते शैक्षणिक दबाव और मानसिक तनाव को कम किया जा सकेगा। शिक्षण संस्थानों में एक स्वस्थ और सहयोगी वातावरण तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है।
सुप्रीम कोर्ट और NTF के निर्देशों पर फैसला
उच्च शिक्षा विभाग ने यह कदम सुप्रीम कोर्ट और नेशनल टास्क फोर्स (NTF) के निर्देशों के बाद उठाया है। स्टेट टास्क फोर्स पूरे प्रदेश में छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े उपायों की निगरानी और सुधार के लिए जिम्मेदार होगी।
मल्टी-डिपार्टमेंटल प्रणाली का गठन
एसटीएफ में स्कूल शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य, पुलिस, बाल सुरक्षा, सामाजिक न्याय और नगरीय प्रशासन विभाग के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है। यह बहु-विभागीय प्रणाली छात्रों की समस्याओं को व्यापक दृष्टिकोण से समझकर समाधान की दिशा में कार्य करेगी।
क्यों जरूरी है यह कदम
देशभर में मानसिक तनाव और शैक्षणिक दबाव से जुड़े मामलों में तेजी से वृद्धि हो रही है। उच्च शिक्षा विभाग का मानना है कि समस्या केवल शैक्षणिक नहीं है, बल्कि संस्थागत संरचना से भी जुड़ी है। एसटीएफ और डीटीएफ का गठन इन समस्याओं को दूर करने और विद्यार्थियों को बेहतर माहौल प्रदान करने के लिए किया गया है।
Lokendra Mishra