सादगी भरा उदाहरण उज्जैन में सामूहिक विवाह में सीएम मोहन यादव के बेटे की शादी

· 1 min read
सादगी भरा उदाहरण उज्जैन में सामूहिक विवाह में सीएम मोहन यादव के बेटे की शादी

उज्जैन के शिप्रा तट पर सादगीपूर्ण सामूहिक विवाह में सीएम के बेटे की शादी

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने छोटे पुत्र डॉ. अभिमन्यु यादव का विवाह उज्जैन के शिप्रा तट पर आयोजित एक सामूहिक विवाह सम्मेलन में कराया। बताया गया कि देश में पहली बार किसी मुख्यमंत्री ने अपने बेटे की शादी सामूहिक विवाह कार्यक्रम में कराकर सादगी का संदेश दिया।

एक ही मंडप में 22 जोड़ों ने लिए फेरे

इस सामूहिक विवाह सम्मेलन में कुल 22 जोड़ों ने एक ही मंडप में वैदिक रीति से फेरे लिए। कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि यहां न कोई वीआईपी मंच था, न विशेष स्टेज और न ही भव्य सजावट की व्यवस्था की गई। इसके बावजूद कार्यक्रम में कई विशिष्ट अतिथि और संत उपस्थित रहे।

राज्यपाल, केंद्रीय मंत्री और संतों की मौजूदगी

सामूहिक विवाह में मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल और कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत शामिल हुए। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, दुर्गादास उईके, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, मध्य प्रदेश के कई मंत्री, बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री सहित अनेक संत भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।

योग गुरु बाबा रामदेव ने मंत्र पढ़कर कराए विवाह संस्कार

समारोह में योग गुरु बाबा रामदेव ने वैदिक विधि से सभी जोड़ों का विवाह संस्कार संपन्न कराया। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रविंद्र पुरी और जूना अखाड़ा के स्वामी हरी गिरि ने समारोह में उपस्थित सभी 22 जोड़ों को 1-1 लाख रुपये देने की घोषणा की।

परिवारों के बीच पहले से रिश्ते

दुल्हन इशिता के पिता दिनेश पटेल किसान हैं। उनका परिवार पहले से ही मुख्यमंत्री मोहन यादव के परिवार से रिश्तेदारी में जुड़ा हुआ है। इससे पहले मुख्यमंत्री की पुत्री आकांक्षा, दिनेश पटेल के परिवार की बहू बन चुकी हैं। इस प्रकार यह दोनों परिवारों के बीच दूसरा वैवाहिक संबंध है।

कार्यक्रम से मिला सादगी और सामाजिक संदेश

इस सामूहिक विवाह सम्मेलन के माध्यम से बिना भव्य सजावट और विशेष मंच के, सादगी व सामाजिक समरसता का संदेश देने की कोशिश की गई। मुख्यमंत्री के बेटे की शादी भी इसी सामूहिक व्यवस्था में कराने को सामाजिक समानता और सरल विवाह पर जोर देने वाली पहल के रूप में देखा जा रहा है।

Arvind Vishwakarma