सागर की ढाना एयरपट्टी पर ट्रेनर एयरक्राफ्ट क्रैश, पायलट सुरक्षित
मध्य प्रदेश के सागर जिले की ढाना हवाई पट्टी पर चाइम्स एविएशन एकेडमी का एक ट्रेनर एयरक्राफ्ट लैंडिंग के दौरान हादसे का शिकार हो गया। विमान को ट्रेनी पायलट उड़ा रहा था और घटना में वह सुरक्षित बच गया।
लैंडिंग के समय संतुलन बिगड़ने से हुआ हादसा
बुधवार दोपहर करीब तीन बजे ट्रेनर एयरक्राफ्ट ढाना हवाई पट्टी पर लैंड कर रहा था। इसी दौरान विमान का संतुलन बिगड़ गया और पायलट का उस पर से नियंत्रण हट गया। विमान एक तरफ झुकते हुए रनवे से नीचे उतर गया और उसकी नोज जमीन से टकराने से क्रैश की स्थिति बन गई।
हवाई पट्टी पर मौजूद कर्मचारियों ने तुरंत दौड़कर ट्रेनी पायलट को बाहर निकाला और एम्बुलेंस की मदद से पास ही बने मेडिकल रूम तक पहुंचाया। फिलहाल पायलट की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है।
हवाई पट्टी पर पहले से मौजूद था प्रशासनिक अमला
घटना के समय ढाना हवाई पट्टी से सड़क दुर्घटना में घायल एक जवान को एयरलिफ्ट किया जा रहा था। इसी वजह से जिला प्रशासन के कई अधिकारी पहले से ही मौके पर थे और एम्बुलेंस भी वहीं खड़ी थी। इस वजह से घायल ट्रेनी पायलट को तुरंत प्राथमिक उपचार मिल सका।
चाइम्स एविएशन एकेडमी के अधिकारियों ने हादसे के तकनीकी कारणों की जांच शुरू कर दी है। विमान के नियंत्रण के अचानक छूटने के पीछे क्या वजह रही, यह रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगा।
दो दिन पहले सिवनी में भी ट्रेनर विमान क्रैश
मध्य प्रदेश में कुछ ही दिनों के भीतर यह दूसरा ट्रेनर एयरक्राफ्ट हादसा है। इससे पहले 8 नवंबर को सिवनी जिले में रेड बर्ड एविएशन कंपनी का एक ट्रेनर विमान 33 केवी हाई वोल्टेज बिजली लाइन से टकराकर खेत में जा गिरा था।
उस घटना में ट्रेनर पायलट अजित एंथोनी और ट्रेनी पायलट अशोक छाबड़ा घायल हुए थे। विमान ने सुकतरा हवाई पट्टी से उड़ान भरी थी और लैंडिंग के दौरान बादलपार सब स्टेशन की 33 केवी लाइन के निचले हिस्से से उसके पंख की टक्कर हो गई। टकराते ही जोरदार धमाका हुआ और तारों से चिंगारियां निकलने लगीं, जिसके बाद विमान खेत में गिर पड़ा।
कुरई थाने के टीआई कृपाल सिंह तेकाम के अनुसार प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई थी कि विमान के इंजन में पर्याप्त पावर जनरेट नहीं हो रहा था। पायलट ने कंट्रोल रूम से संपर्क में रहते हुए खेत में इमरजेंसी लैंडिंग की तैयारी की थी, लेकिन इसी दौरान विमान बिजली लाइन से टकरा गया।
शिवपुरी में मिराज-2000 फाइटर प्लेन भी गिरा था
इसी बीच मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में बहरेटा सानी गांव के पास वायुसेना का टू सीटर फाइटर प्लेन मिराज-2000 भी क्रैश हुआ था। इस सैन्य विमान में दो पायलट सवार थे, जो हादसे से पहले खुद को समय रहते इजेक्ट करने में सफल रहे। दोनों पायलट सुरक्षित हैं और वायुसेना की टीम उन्हें आगे की जांच और इलाज के लिए ग्वालियर लेकर गई।
निष्कर्ष
सागर, सिवनी और शिवपुरी में हाल के विमान हादसों ने प्रशिक्षण उड़ानों और सैन्य विमानों की सुरक्षा पर नए सिरे से सवाल खड़े कर दिए हैं। ढाना हवाई पट्टी पर हुए ताजा हादसे में किसी की जान नहीं गई, लेकिन इस तरह की घटनाओं के कारणों की गहन जांच और सुरक्षा मानकों की समीक्षा बेहद जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
Faraz Khan