फूल सिंह बरैया के विवादित बयान पर सियासी घमासान, कांग्रेस ने किया किनारा
मध्यप्रदेश के दतिया जिले की भांडेर सीट से कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया के SC-ST और मोस्ट ओबीसी महिलाओं पर दिए गए विवादित बयान के बाद प्रदेश में राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। सोशल मीडिया पर दिए गए एक इंटरव्यू में बरैया ने रेप को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं और धार्मिक ग्रंथों से जुड़ी विवादित बातें कही थीं।
कांग्रेस ने मांगा स्पष्टीकरण, बयान को व्यक्तिगत बताया
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि किसी भी महिला के साथ बलात्कार करने वाला व्यक्ति केवल अपराधी होता है, उसकी कोई जाति या धर्म नहीं होता और उसे कानून के तहत सख्त सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने एनसीआरबी के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि मध्यप्रदेश में प्रतिदिन औसतन 22 बलात्कार की घटनाएं सामने आ रही हैं और समाज के हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह महिलाओं की सुरक्षा के लिए आगे आए। पटवारी ने स्पष्ट किया कि बरैया का बयान उनका व्यक्तिगत विचार है, कांग्रेस पार्टी इस बयान से सहमत नहीं है और विधायक से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
बरैया की सफाई: दर्शनशास्त्र के प्रोफेसर का कथन बताया
विवाद बढ़ने के बाद विधायक फूल सिंह बरैया ने सफाई देते हुए कहा कि जिस कथन को लेकर उन पर आरोप लगाए जा रहे हैं, वह उनका स्वयं का बयान नहीं है। उनके अनुसार यह कथन हरिमोहन झा का है, जो बिहार में दर्शनशास्त्र विभाग के प्रमुख रहे हैं। बरैया ने कहा कि उन्होंने इस कथन को केवल संदर्भ के रूप में उद्धृत किया था और वे स्वयं इस कथन से सहमत नहीं हैं।
मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री समेत बीजेपी नेताओं का कड़ा विरोध
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी को देखना चाहिए कि उनके विधायक ऐसे बयान दे रहे हैं जो समाज में जहर घोलते हैं और विद्वेष फैलाते हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी अपने विधायक से जवाब लें, उन्हें निलंबित करें या पार्टी से बाहर करें, और इस बयान की निंदा की। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि विधायक होने के नाते बरैया की जिम्मेदारी है कि वे ऐसे बयानों से बचें।
उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने सोशल मीडिया पर बिना नाम लिए लिखा कि किसी महिला की सुंदरता, पहनावे या पहचान को बलात्कार से जोड़ना अमानवीय है और खतरनाक, विकृत मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि बलात्कार अपराधी की सोच का परिणाम होता है, न कि पीड़िता की वजह से।
अन्य बीजेपी नेताओं ने भी बयान की आलोचना की। मंत्री राकेश सिंह ने इसे बरैया के चरित्र से जुड़ा बताया, जबकि एक अन्य मंत्री विश्वास सारंग ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ऐसे नेताओं को निष्कासित करने के बजाय संरक्षण देती है और उन्होंने राहुल गांधी के साथ बरैया की तस्वीर भी सोशल मीडिया पर साझा की। एक बीजेपी विधायक ने भी कहा कि कांग्रेस ऐसे नेताओं को संरक्षण देने का काम कर रही है।
विवादित इंटरव्यू की मुख्य बातें
इंटरव्यू में बरैया ने दावा किया कि भारत में सबसे ज्यादा रेप शेड्यूल कास्ट, शेड्यूल ट्राइब और मोस्ट ओबीसी के साथ होते हैं। उन्होंने कहा कि रेप की थ्योरी यह है कि कोई भी व्यक्ति रास्ते में जाते समय यदि उसे बहुत खूबसूरत लड़की दिखे तो उसका दिमाग विचलित हो सकता है, जिससे रेप हो सकता है। उन्होंने सवाल किया कि आदिवासियों, एससी या मोस्ट ओबीसी समुदायों में कौन सी अत्यंत सुंदर स्त्रियां हैं और फिर भी उनके साथ बलात्कार क्यों होता है।
बरैया ने यह आरोप भी लगाया कि कुछ धर्मग्रंथों में इस प्रकार के निर्देश दिए गए हैं कि विशेष जातियों की महिलाओं के साथ सहवास करने से तीर्थ जैसा फल मिलता है। जब उनसे पूछा गया कि क्या यह बातें हिंदू धर्मग्रंथों में लिखी हैं, तो उन्होंने यह कहकर सीधा जवाब देने से बचा कि वे यह नहीं कहेंगे कि वे किस धर्म से जुड़े हैं, लेकिन उनका तात्पर्य धर्मग्रंथों से ही था।
सामाजिक संगठनों और ब्राह्मण समाज की तीखी प्रतिक्रिया
अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज के प्रदेश अध्यक्ष पुष्पेंद्र मिश्र ने फूल सिंह बरैया के बयान को बेशर्म, कुबुद्धिपूर्ण और समाज को तोड़ने वाला बताया। उन्होंने मांग की कि बरैया यह स्पष्ट करें कि किस धर्मग्रंथ और किस अध्याय में यह लिखा है कि किसी जाति विशेष की महिलाओं के साथ सहवास करने से तीर्थ फल मिलता है, और कांग्रेस से उन्हें तत्काल पार्टी से निकालने की मांग की।
हिंदू उत्सव समिति और संस्कृति बचाओ मंच के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि वेद-पुराणों में कहीं भी ऐसा उल्लेख नहीं है कि SC-ST महिलाओं के साथ बलात्कार करने से मोक्ष या तीर्थ फल मिलता है। उन्होंने आरोप लगाया कि बरैया जैसे बयान समाज को जाति के आधार पर बांटने और सनातन धर्म को बदनाम करने का प्रयास हैं।
जबलपुर में बीजेपी महिला मोर्चा का विरोध प्रदर्शन
जबलपुर में कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया के बयान के विरोध में बीजेपी महिला मोर्चा ने जोरदार प्रदर्शन किया। महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं और प्रदेश अध्यक्ष अश्विनी परांजपे ने मालवीय चौक पर बरैया का पुतला फूंका और उनके बयान की कड़ी निंदा की। प्रदर्शन के जरिए संगठन ने मांग की कि ऐसे बयानों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
पूरे विवाद के बीच कांग्रेस नेतृत्व की आंतरिक कार्रवाई और बरैया के खिलाफ आगे क्या कदम उठाए जाएंगे, इसे लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा जारी है, जबकि सामाजिक संगठन और विरोधी दल इस बयान को समाज में विभाजन और महिलाओं के प्रति आपत्तिजनक मानसिकता का उदाहरण बता रहे हैं।
Pushpendra Chaubey