राजधानी में IPS सर्विस मीट का दूसरा दिन, डीजीपी का गीत और फैशन शो आज

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राजधानी में IPS सर्विस मीट का दूसरा दिन, डीजीपी का गीत और फैशन शो आज

राजधानी में IPS सर्विस मीट का दूसरा दिन, मनोरंजन कार्यक्रमों की धूम

राजधानी में आयोजित IPS सर्विस मीट का आज दूसरा दिन है। इस सर्विस मीट में प्रदेशभर से आए IPS अधिकारियों और उनके परिवारों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया है। आयोजन स्थल पर लगातार कार्यक्रमों की श्रृंखला चल रही है और पूरा माहौल उत्सव जैसा बना हुआ है।

पहले दिन डीजीपी ने फिल्मी गीतों से बढ़ाया जोश

सर्विस मीट के पहले दिन सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें पुलिस अधिकारियों का अलग ही अंदाज देखने को मिला। डीजीपी कैलाश मकवाना ने फिल्म गदर का मशहूर गीत “मैं निकला गड्डी लेके, रस्ते में यूं… सड़क पे एक मोड़ आया, मैं उत्थे दिल छोड़ आया…” गाकर पुलिस अधिकारियों में जोश भर दिया।

इसके अलावा डीजीपी कैलाश मकवाना और पूर्व डीजीपी सुधीर सक्सेना ने अपने परिवार के साथ फिल्म “जय हो” का गीत प्रस्तुत किया, जिससे कार्यक्रम स्थल पर देशभक्ति का माहौल बन गया। इस प्रस्तुति के दौरान पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

दूसरे दिन इंटरटेनमेंट गेम्स, डीजे और फैशन शो

आज IPS सर्विस मीट के दूसरे दिन की शुरुआत इंटरटेनमेंट गेम्स से की जाएगी। दिनभर विभिन्न मनोरंजक गतिविधियां रखी गई हैं, जिनमें अधिकारियों और उनके परिजनों की भागीदारी रहेगी। लंच के बाद दोपहर में डीजे और म्यूजिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सभी प्रतिभागी संगीत और नृत्य का आनंद लेंगे।

शाम 7 बजे कलाकार प्रतिभा सिंह बघेल अपनी विशेष संगीत प्रस्तुति देंगी। उनके कार्यक्रम के बाद रात 10 बजे पुलिस अधिकारियों और उनके परिवारों का फैशन शो आयोजित होगा। फैशन शो के बाद डीजे नाइट रखी गई है, जिसमें अधिकारी और उनके परिजन देर रात तक मनोरंजन का आनंद लेने की योजना में हैं।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किया उद्घाटन

इस IPS सर्विस मीट का शुभारंभ कल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया था। उद्घाटन कार्यक्रम के बाद रात में हुए सांस्कृतिक आयोजन में भी मुख्यमंत्री और डीजीपी की मौजूदगी रही। राजधानी में हो रहे इस आयोजन को लेकर प्रदेशभर के IPS अधिकारियों का जमावड़ा लगा हुआ है और इसे उत्सवी माहौल में आयोजित किया जा रहा है।

नक्सलवाद पर पुलिस की भूमिका की तारीफ

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सर्विस मीट के शुभारंभ अवसर पर प्रदेश में नक्सलवाद के मुद्दे पर बात की। उन्होंने मध्य प्रदेश में फैले नक्सलवाद की तुलना सांप से करते हुए कहा कि यदि किसी कमरे में मखमल के गद्दे पर किसी को सोने के लिए कहा जाए और उसी कमरे में सांप घूमते रहें, तो कोई भी व्यक्ति सहज होकर नहीं सो सकेगा। उन्होंने इसे उदाहरण के रूप में रखते हुए कहा कि पुलिस ने इस समस्या को समझा और सांप का फन कुचलने की तरह नक्सल मूवमेंट को खत्म करने में सफलता हासिल की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस अपने परिवार और व्यक्तिगत जीवन को पीछे छोड़कर लोगों की सुरक्षा के लिए काम करती है। उन्होंने भारतीय पुलिस को अनुशासन की उत्कृष्ट मिसाल बताया।

लोकतंत्र को मजबूत बनाने में अफसरों की भूमिका

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के समय भारत और पाकिस्तान दोनों ही देश स्वतंत्र हुए थे, लेकिन पाकिस्तान में समय-समय पर तख्ता पलट की स्थिति बनी रहती है। इसके विपरीत भारत में आईएएस और आईपीएस अफसरों ने लोकतंत्र की नींव को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार के लिए सभी विभाग महत्वपूर्ण हैं, लेकिन पुलिस विभाग की चुनौतियां अलग हैं। उनकी जिम्मेदारियां लगातार सक्रिय रहने और कड़ी परिस्थितियों में काम करने से जुड़ी होती हैं, जिसके कारण पुलिस की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।

निष्कर्ष

राजधानी में हो रही IPS सर्विस मीट सिर्फ मनोरंजन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का मंच नहीं, बल्कि पुलिस बल की उपलब्धियों, चुनौतियों और समाज व लोकतंत्र में उनकी भूमिका को सम्मान देने का अवसर भी बनकर उभरी है। दो दिनों के कार्यक्रमों के बीच जहां अधिकारियों और उनके परिवारों के लिए मनोरंजन के कई आयाम जोड़े गए हैं, वहीं मुख्यमंत्री के संबोधन ने पुलिस के काम और उसकी जिम्मेदारियों पर गंभीर चर्चा का अवसर भी दिया है।

Janmejay Chaturvedi