सीधी में ब्यूटी पार्लर से मिला दुर्लभ रेड सैंड बोआ सांप
मध्य प्रदेश के सीधी जिले में एक ब्यूटी पार्लर से दुर्लभ प्रजाति के रेड सैंड बोआ सांप को रेस्क्यू किया गया। इस सांप का वजन 7 किलो से ज्यादा और लंबाई 3 से 4 फीट है। यह लाल या भूरे रंग का होता है, जो धूप में तांबे जैसा चमकता है। इसका सिर और पूंछ एक जैसे होते हैं, जिससे इसे दो मुंहा सांप भी कहा जाता है।
ब्यूटी पार्लर में सांप मिलने से मचा हड़कंप
घटना शनिवार रात की है। ब्यूटी पार्लर संचालिका जब पार्लर के पीछे बने कमरे में पानी लेने गईं तो उन्होंने फर्श के कोने में यह सांप देखा। सांप को देखकर वह घबरा गईं और तुरंत बाहर आकर शोर मचाया। कुछ ही देर में वहां भीड़ इकट्ठी हो गई।
रेस्क्यू टीम ने किया सुरक्षित
भीड़ में से किसी युवक ने वन विभाग और सर्प रेस्क्यू टीम को सूचना दी। मौके पर पहुंची टीम ने सांप को सुरक्षित पकड़ा। टीम ने पुष्टि की कि यह सांप दुर्लभ प्रजाति का रेड सैंड बोआ है। इसे रविवार को मुकुंदपुर चिड़ियाघर में संरक्षित किया गया। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में करोड़ों की कीमत
रेड सैंड बोआ सांप अपनी दुर्लभता और अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारी कीमत के लिए जाना जाता है। वनपाल पंकज मिश्रा के अनुसार, अवैध बाजार में इसकी कीमत 3 करोड़ से 25 करोड़ रुपए तक आंकी जाती है। कुछ देशों में इसे लकी स्नेक या गुड लक चार्म के रूप में देखा जाता है। इसके प्रति फैले अंधविश्वास के कारण इसका अवैध व्यापार तेजी से बढ़ रहा है।
रेड सैंड बोआ का महत्व
रेड सैंड बोआ एक विषहीन और शांत स्वभाव वाला सांप है। यह पारिस्थितिकी संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है। यह खेतों में चूहों की संख्या को नियंत्रित करता है। हालांकि, अंधविश्वास और अवैध तस्करी के कारण यह प्रजाति अब विलुप्ति के कगार पर है।
कानूनी संरक्षण
भारत में रेड सैंड बोआ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की अनुसूची- IV में शामिल है। इसका पकड़ना, बेचना या मारना कानूनी अपराध है। सीधी जिले में पिछले छह महीनों के दौरान यह तीसरा मामला है, जब यह सांप मिला है। वन विभाग अब यह जांच कर रहा है कि यह सांप स्थानीय प्रजनन का हिस्सा है या किसी तस्करी नेटवर्क से जुड़ा है।
रेड सैंड बोआ का संरक्षण जरूरी है ताकि इसे अंधविश्वास और तस्करी से बचाया जा सके।