असम के मुख्यमंत्री से डॉ. मोहन यादव की सौजन्य भेंट

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असम के मुख्यमंत्री  से डॉ. मोहन यादव की  सौजन्य भेंट

असम के मुख्यमंत्री से डॉ. मोहन यादव की सौजन्य भेंट

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने दो दिवसीय असम प्रवास के दौरान असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा से गुवाहाटी स्थित मुख्यमंत्री निवास पर मुलाकात की। यह भेंट रविवार की शाम हुई, जिसमें दोनों नेताओं ने सौहार्दपूर्ण वातावरण में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की।

पुष्पगुच्छ और प्रतीक चिन्ह का आदान-प्रदान

मुख्यमंत्री डॉ. सरमा ने डॉ. यादव का स्वागत पुष्पगुच्छ और प्रतीक चिन्ह देकर किया। बदले में डॉ. यादव ने महाकालेश्वर मंदिर का आकर्षक चित्र उपहार के रूप में प्रस्तुत किया। इस आत्मीय भेंट ने दोनों राज्यों के बीच संबंधों को और मजबूत करने का अवसर प्रदान किया।

पर्यटन और व्यापारिक सहयोग पर जोर

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चर्चा के दौरान बताया कि भविष्य में भोपाल से गुवाहाटी तक सीधी विमान सेवा शुरू करने के प्रयास किए जाएंगे। उनका मानना है कि इससे पर्यटन और व्यापारिक गतिविधियां बढ़ेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं, कलाकारों और विश्वविद्यालयों के बीच सहयोग को बढ़ावा देकर दोनों राज्यों के सांस्कृतिक संबंधों को सशक्त किया जाएगा।

स्थानीय कारीगरों और उत्पादों को प्रोत्साहन

डॉ. यादव ने असम और मध्यप्रदेश के हस्तशिल्प, सिल्क और बांस से निर्मित उत्पादों को बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने जोर दिया कि इससे दोनों राज्यों के स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों को नए बाजार और रोजगार के अवसर मिलेंगे।

पुरातन संबंधों और वन्यजीव संरक्षण पर चर्चा

बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने मध्यप्रदेश और असम के पुरातन संबंधों पर विचार-विमर्श किया। साथ ही, वन्यजीव संरक्षण और वन्यजीवों के परस्पर आदान-प्रदान के लिए किए जा रहे प्रयासों पर भी चर्चा हुई।

मध्यप्रदेश में निवेश को लेकर आमंत्रण

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने असम के मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि असम के कई उद्योगपति और निवेशक मध्यप्रदेश में निवेश करने के इच्छुक हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की धरती पर सभी निवेशकों का स्वागत है।

परिवार की उपस्थिति

इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव की धर्मपत्नी श्रीमती सीमा यादव भी उपस्थित रहीं। उनकी उपस्थिति ने इस मुलाकात को और अधिक सौहार्दपूर्ण बना दिया।

निष्कर्ष

इस सौजन्य भेंट ने दोनों राज्यों के बीच संबंधों को नई दिशा दी है। पर्यटन, व्यापार, और सांस्कृतिक सहयोग के साथ-साथ निवेशकों को प्रोत्साहित करने के प्रयास आने वाले समय में दोनों राज्यों की अर्थव्यवस्था और सांस्कृतिक पहचान को सशक्त करेंगे।