सीएम मोहन यादव आज से मंत्रियों का परफॉर्मेंस रिव्यू, अफसरों की वर्किंग प्लान पड़ताल

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सीएम मोहन यादव आज से मंत्रियों का परफॉर्मेंस रिव्यू, अफसरों की वर्किंग प्लान पड़ताल

सीएम मोहन यादव ने मंत्रियों और विभागों का परफॉर्मेंस रिव्यू शुरू किया

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने मंत्रियों और विभागों के कामकाज की व्यापक समीक्षा की प्रक्रिया मंगलवार से शुरू कर दी है। यह समीक्षा उनके दो साल के कार्यकाल पूरा होने से पहले की जा रही है, ताकि सरकार के अब तक के काम और भविष्य की तैयारी का आकलन हो सके।

पहले चरण में चार वरिष्ठ मंत्रियों की समीक्षा

समीक्षा की शुरुआत वरिष्ठ मंत्री प्रहलाद पटेल, उदय प्रताप सिंह, तुलसी सिलावट और प्रद्युम्न सिंह तोमर से की जा रही है। मुख्यमंत्री इन चारों मंत्रियों से उनके विभागों का पिछले दो साल का लेखा-जोखा लेंगे। विधानसभा भवन में 2 दिसंबर को पंचायत एवं ग्रामीण विकास, स्कूल शिक्षा, नर्मदा घाटी विकास, जल संसाधन, ऊर्जा तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभागों की बैठकें निर्धारित हैं।

पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग की बैठक दोपहर बाद 2 से 2:30 बजे तक मंत्री प्रहलाद पटेल की मौजूदगी में होगी। इसके बाद स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा 3 से 3:30 बजे तक मंत्री उदय प्रताप सिंह की उपस्थिति में होगी। नर्मदा घाटी विकास और जल संसाधन विभाग की बैठक 4 से 4:30 बजे तक मंत्री तुलसी सिलावट की मौजूदगी में होगी। इसके बाद 4:30 से 5 बजे तक ऊर्जा और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग की समीक्षा विधानसभा परिसर में की जाएगी।

दो साल के कामकाज, कमियों और फैसलों की समीक्षा

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सभी विभागों के साथ अलग-अलग बैठकें कर दो साल में जनता के हित में लिए गए फैसलों की समीक्षा करेंगे। इन बैठकों में शासन व्यवस्था में आई कमियों और व्यावहारिक समस्याओं के बारे में अफसरों से जानकारी ली जाएगी। साथ ही, उन कमियों के निराकरण के उपायों पर विस्तार से विचार-विमर्श कर उन्हें लागू करने की दिशा में निर्णय किए जाएंगे।

अधिकारियों को आगामी तीन साल के लक्ष्यों के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। वे अपनी-अपनी योजनाओं और टारगेट्स को मुख्यमंत्री के सामने प्रेजेंटेशन के माध्यम से प्रस्तुत करेंगे, ताकि आने वाले समय के लिए स्पष्ट रोडमैप तैयार हो सके।

उच्चस्तरीय मीटिंगों का सिलसिला और आगे की रूपरेखा

मंत्रियों, मुख्य सचिव और वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों के साथ हाईलेवल मीटिंग का यह दौर मंगलवार से शुरू होकर बुधवार को भी दिनभर चलेगा। इसके बाद 8 और 9 दिसंबर को खजुराहो में भी दो दिन तक विभिन्न विभागों और मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा की जाएगी।

इस व्यापक समीक्षा के आधार पर वर्ष 2026 में मोहन सरकार की प्रशासनिक कसावट और कामकाज में बदलाव देखने को मिल सकता है। यह भी माना जा रहा है कि 15 दिसंबर के बाद वरिष्ठ अफसरों की पोस्टिंग और मंत्रियों के विभागों में संभावित फेरबदल के रूप में इस समीक्षा के परिणाम सामने आ सकते हैं।

निष्कर्ष

डॉ. मोहन यादव सरकार की यह समीक्षा प्रक्रिया अब तक के काम की रिपोर्ट लेने, कमियों की पहचान करने और अगले तीन साल की स्पष्ट कार्ययोजना तय करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। लगातार बैठकों और प्रेजेंटेशन के माध्यम से सरकार प्रशासनिक ढांचे को मजबूत बनाने और भविष्य की प्राथमिकताओं को व्यवस्थित ढंग से निर्धारित करने की कोशिश कर रही है।

Ravi Yadav