सीएम मोहन यादव बिना मास्क यूका पहुंचे, गैस त्रासदी स्मारक बनाने की घोषणा

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सीएम मोहन यादव बिना मास्क यूका पहुंचे, गैस त्रासदी स्मारक बनाने की घोषणा

सीएम मोहन यादव बिना मास्क यूनियन कार्बाइड परिसर पहुंचे

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री परिसर में बिना मास्क पहुंचे और गैस त्रासदी से जुड़ी व्यवस्थाओं का स्थल निरीक्षण किया। यह वही परिसर है जहां पहले यूनियन कार्बाइड का खतरनाक कचरा दशकों तक रखा गया था।

कचरे के निस्तारण के बाद गोदाम का निरीक्षण

यूनियन कार्बाइड का 337 मीट्रिक टन कचरा 1 जनवरी 2025 को पीथमपुर में निस्तारण के लिए भेजा गया था। ठीक एक साल बाद, शनिवार को मुख्यमंत्री ने उसी फैक्ट्री के उस गोदाम का निरीक्षण किया, जहां लंबे समय तक यह कचरा जमा था। अब यह परिसर साफ किया जा चुका है, जिसका उन्होंने मौके पर जायजा लिया।

गैस त्रासदी स्मारक बनाने की घोषणा

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि अब इसी साफ किए गए परिसर में गैस त्रासदी में मारे गए लोगों की स्मृति में स्मारक बनाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्मारक का निर्माण सभी प्रभावित पक्षों और समाज के हर वर्ग को विश्वास में लेकर किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि स्मारक निर्माण की पूरी प्रक्रिया हाई कोर्ट की निगरानी में की जाएगी, ताकि पारदर्शिता और सभी पक्षों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।

कांग्रेस पर आरोप और अपने कदमों का बचाव

सीएम मोहन यादव ने इस दौरान कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस ने पाप किया और लोगों को मरने के लिए छोड़ दिया। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार ने इस कलंक को मिटाने का काम किया है।

महताज महिलाओं को त्वरित आर्थिक सहायता

वापसी के समय मार्ग में कुछ महिलाओं ने मुख्यमंत्री का काफिला रुकवा लिया। उनमें से मंजू और प्रभा बाई ने अपने पतियों की बीमारी के इलाज के लिए आर्थिक मदद की मांग रखी।

मुख्यमंत्री ने उनकी बात सुनने के बाद तुरंत दोनों महिलाओं के लिए 50-50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता स्वीकृत कर दी। इस तरह दौरे के दौरान उन्होंने गैस त्रासदी स्मारक की घोषणा के साथ-साथ व्यक्तिगत स्तर पर भी मदद का आश्वासन दिया।

दौरे का समापन

यूनियन कार्बाइड परिसर के निरीक्षण, स्मारक निर्माण की घोषणा और प्रभावित परिवारों से सीधे संवाद के साथ मुख्यमंत्री का यह दौरा पूरा हुआ। उन्होंने संकेत दिया कि सरकार गैस त्रासदी से जुड़ी यादों और पीड़ितों की समस्याओं को लेकर आगे भी कदम उठाती रहेगी।

Bhavanesh Soni