ट्रंप ने ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई पर बोला सीधा हमला
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए उनके लंबे समय से चल रहे शासन को चुनौती दी है। ट्रंप ने दावा किया कि अब ईरान में नए नेतृत्व का समय आ गया है और खामेनी की सत्ता को समाप्त किया जाना चाहिए।
खामेनेई पर ट्रंप के आरोप
ट्रंप ने कहा कि खामेनेई के नेतृत्व में ईरान हिंसा और दमन के सहारे चलाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि खामेनेई ने ईरान को पूरी तरह तबाह कर दिया है और उनके कारण देश में हिंसा फैली हुई है। ट्रंप का कहना है कि नेतृत्व का अर्थ सम्मान से होता है, डर और मौतों से नहीं।
ट्रंप के अनुसार किसी भी देश का नेतृत्व देश की भलाई पर केंद्रित होना चाहिए, जैसा कि उन्होंने अमेरिका के संदर्भ में कहा। उन्होंने यह भी तंज कसा कि खामेनेई द्वारा अब तक लिया गया सबसे अच्छा फैसला 800 से ज्यादा लोगों को फांसी न देने का रहा है।
ईरान की स्थिति पर कड़ी टिप्पणी
अमेरिकी राष्ट्रपति ने खामेनेई को एक "बीमार व्यक्ति" बताते हुए कहा कि उनके शासन में ईरान नरक से भी बदतर हो गया है और दुनिया में इससे बुरी जगह कहीं नहीं है। ट्रंप के बयानों से दोनों देशों के बीच जारी तनाव और तीखा हो गया है।
खामेनेई का पलटवार और आरोप
ट्रंप की टिप्पणी खामेनेई के उन बयानों के बाद आई है, जिनमें उन्होंने ईरान में साजिशों की कमर तोड़ने की बात कही थी। खामेनेई ने ईरान में हुए विरोध प्रदर्शनों, उनमें हुई मौतों, नुकसान और बदनामी के लिए ट्रंप को जिम्मेदार ठहराया था।
खामेनेई ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अपराधी करार दिया और आरोप लगाया कि ईरान में जो भी अशांति और प्रदर्शन हुए हैं, उनके पीछे ट्रंप की नीतियां और हस्तक्षेप ही जिम्मेदार हैं।
दोनों देशों के बीच बढ़ता तनाव
ट्रंप और खामेनेई के बीच जारी आरोप-प्रत्यारोप से अमेरिका और ईरान के संबंधों में और अधिक तनाव पैदा हो गया है। एक तरफ ट्रंप ईरान में नेतृत्व परिवर्तन की बात कर रहे हैं, तो दूसरी ओर खामेनेई अमेरिका पर ईरान के आंतरिक मामलों में दखल देने का आरोप लगा रहे हैं।
इन बयानों ने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी स्थिति को और जटिल बना दिया है, जहां पहले से ही दोनों देशों के रिश्ते विवादों और टकरावों से घिरे हुए हैं।
Pushpendra Chaubey