भोपाल के तीन मॉडल वैक्सीनेशन रूम में बच्चे खेलते‑खेलते लगवाएंगे टीके

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भोपाल के तीन मॉडल वैक्सीनेशन रूम में बच्चे खेलते‑खेलते लगवाएंगे टीके

भोपाल में बच्चों के लिए अनुकूल मॉडल वैक्सीनेशन रूम शुरू

राजधानी भोपाल के तीन सरकारी अस्पतालों में बच्चों के लिए खास तरह से तैयार किए गए मॉडल वैक्सीनेशन रूम शुरू किए गए हैं। इन कमरों को इस तरह डिजाइन किया गया है कि बच्चे टीका लगवाते समय डरें नहीं, बल्कि खेलते‑खेलते टीकाकरण की प्रक्रिया पूरी हो सके।

तीन अस्पतालों में एक ही छत के नीचे सभी जरूरी वैक्सीन

ये मॉडल वैक्सीनेशन सेंटर केएनके अस्पताल, सिविल अस्पताल गोविंदपुरा और जेपी अस्पताल में शुरू किए गए हैं। यहां नेशनल इम्यूनाइजेशन शेड्यूल के तहत दी जाने वाली सभी आवश्यक वैक्सीन एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएंगी। अभिभावकों को अलग‑अलग अस्पताल और तारीखों पर जाने की जरूरत नहीं होगी।

बच्चों के लिए आधुनिक और अनुकूल माहौल

इन वैक्सीनेशन रूम को आधुनिक और बच्चों के अनुकूल बनाया गया है। कमरों में खिलौने और आकर्षक सजावट की व्यवस्था की गई है, ताकि बच्चों का ध्यान खेल की ओर रहे और वे टीका लगवाते समय घबराएं या रोएं नहीं। यह व्यवस्था टीकाकरण के अनुभव को सहज और सकारात्मक बनाने के उद्देश्य से की गई है।

टीकाकरण का समय और उपलब्ध वैक्सीन

इन मॉडल सेंटरों पर प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक टीकाकरण किया जाएगा। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. मनीष शर्मा के अनुसार, टी बी, हेपेटाइटिस बी, पोलियो, खसरा, रोटा वायरस डायरिया, जापानी इंसेफेलाइटिस, टिटनेस, डिप्थीरिया, काली खांसी, हीमोफिलस इन्फ्लूएंजा और न्यूमोकोकल निमोनिया जैसी गंभीर बीमारियों से बचाव के लिए सभी आवश्यक टीके यहां उपलब्ध रहेंगे।

किन लोगों को मिलेगा टीकाकरण

जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. रितेश रावत ने बताया कि इन मॉडल वैक्सीनेशन रूम की खासियत यह है कि यहां 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों की सभी वैक्सीन लगाई जाएंगी। इसके साथ ही 10 और 16 वर्ष की आयु में दी जाने वाली टीडी वैक्सीन भी यहीं पर उपलब्ध होगी।

इन केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण भी किया जाएगा। इस व्यवस्था से परिवारों को अलग‑अलग केंद्रों और अलग‑अलग तारीखों पर टीकाकरण के लिए जाने की परेशानी में कमी आने की उम्मीद है।

टीकाकरण को बढ़ावा देने की पहल

स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि बच्चों के अनुकूल वातावरण और सभी वैक्सीन एक स्थान पर उपलब्ध होने से टीकाकरण के प्रति लोगों की जागरूकता और भागीदारी बढ़ेगी। इससे गंभीर संक्रामक रोगों की रोकथाम के प्रयासों को मजबूती मिलने की संभावना है।

Gulzar Ahmad