संविधान के सेपरेशन ऑफ पावर पर CJI गवई का जोर

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संविधान के  सेपरेशन ऑफ पावर पर CJI गवई का जोर

संविधान के सेपरेशन ऑफ पावर पर CJI गवई का जोर

भारत के मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई ने गोवा हाई कोर्ट बार एसोसिएशन में अपने भाषण के दौरान संविधान में निहित 'सेपरेशन ऑफ पावर' के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कार्यपालिका को जज की भूमिका निभाने देना संवैधानिक ढांचे को कमजोर करता है।

बुलडोजर एक्शन पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला

CJI गवई ने बुलडोजर एक्शन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले का उल्लेख करते हुए कहा कि यह फैसला नागरिकों के अधिकारों की रक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि बिना उचित प्रक्रिया के किसी का घर उजाड़ना असंवैधानिक है।

क्रीमी लेयर और समानता पर विचार

क्रीमी लेयर और अनुसूचित जातियों में उप-वर्गीकरण पर अपने विवादास्पद फैसले का बचाव करते हुए गवई ने कहा कि समानता का मतलब सभी के साथ एक जैसा व्यवहार करना नहीं है। उन्होंने बताया कि संविधान असमानता को दूर करने के लिए असमान व्यवहार की वकालत करता है।

जज भी इंसान हैं

CJI ने स्वीकार किया कि जज भी इंसान हैं और गलतियां कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि आलोचना हमेशा स्वागतयोग्य है।