सोना-चांदी में लगातार तीसरे दिन गिरावट, फिर भी तेजी के संकेत

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सोना-चांदी में लगातार तीसरे दिन गिरावट, फिर भी तेजी के संकेत

सोना-चांदी के दाम लगातार तीसरे दिन गिरे, आगे बड़ी तेजी की उम्मीद

नए साल 2026 के पहले ही दिन सोना और चांदी के दामों में गिरावट का सिलसिला जारी रहा। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि यह कमजोरी अस्थायी हो सकती है और आने वाले महीनों में कीमतों में एक बार फिर तेज उछाल देखने को मिल सकता है।

सोने की कीमत में मामूली, चांदी में तेज गिरावट

इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार 1 जनवरी 2026 को 24 कैरेट सोने का दाम 44 रुपए गिरकर 1,33,151 रुपए प्रति 10 ग्राम पर आ गया, जो एक दिन पहले 1,33,195 रुपए प्रति 10 ग्राम था।

चांदी में सोने की तुलना में ज्यादा गिरावट देखी गई। एक किलो चांदी का भाव 2,520 रुपए टूटकर 2,27,900 रुपए प्रति किलोग्राम रह गया, जबकि कल इसका रेट 2,30,420 रुपए किलो था। इस तरह लगातार तीसरे दिन सोना-चांदी दोनों में कमजोरी दर्ज की गई।

हाल ही में बना था ऑल टाइम हाई

गिरावट के बावजूद सोना और चांदी अब भी अपने रिकॉर्ड स्तरों के काफी पास हैं। 29 दिसंबर 2025 के कारोबार के दौरान सोना 1,38,161 रुपए प्रति 10 ग्राम और चांदी 2,43,483 रुपए प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई थी। यह दोनों धातुओं का अब तक का सबसे ऊंचा स्तर रहा है।

2025 में सोना 75% और चांदी 167% महंगी

पिछला साल कीमती धातुओं के लिए बेहद तेज रुख वाला रहा। 2025 में सोने की कीमतों में लगभग 75% और चांदी में करीब 167% की बड़ी बढ़त दर्ज की गई। इस तेजी के कारण निवेशकों के पोर्टफोलियो में सोना-चांदी का हिस्सा तेजी से बढ़ा और इन्हें महंगाई और अनिश्चितता के दौर में सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में देखा गया।

शहरों के रेट अलग क्यों होते हैं?

IBJA जिन रेट्स को जारी करती है, उनमें 3% जीएसटी, मेकिंग चार्ज और ज्वेलर्स का मार्जिन शामिल नहीं होता। यही कारण है कि अलग-अलग शहरों में रिटेल स्तर पर दिखने वाले भाव इन दरों से अलग रहते हैं।

इन्हीं मानक दरों का इस्तेमाल भारतीय रिजर्व बैंक सोवरेन गोल्ड बॉन्ड की कीमत तय करने के लिए करता है। इसके अलावा कई बैंक गोल्ड लोन पर ब्याज दर और लोन वैल्यू तय करने के लिए भी इन्हीं रेट्स को आधार मानते हैं।

डिमांड मजबूत, आगे और महंगा हो सकता है सोना-चांदी

कमोडिटी विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा गिरावट के बावजूद सोना और चांदी की मांग मजबूत बनी हुई है। केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया के अनुसार चांदी की डिमांड में तेजी आगे भी जारी रह सकती है।

उनका अनुमान है कि अगर यह रुझान बरकरार रहा तो अगले एक साल में चांदी की कीमत 2.75 लाख रुपए प्रति किलो तक जा सकती है। वहीं 2026 के अंत तक चांदी के 2.10 लाख रुपए प्रति किलो के स्तर के आसपास रहने की संभावना जताई जा रही है, यानी बीच-बीच में उतार-चढ़ाव के साथ ऊंचे दाम बने रह सकते हैं।

सोने के बारे में भी उनका कहना है कि इसकी अंतरराष्ट्रीय और घरेलू स्तर पर अच्छी मांग बनी हुई है। अगर यह रुझान जारी रहा तो अगले साल तक सोना 1.50 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर को पार कर सकता है।

निवेशकों के लिए क्या मतलब?

लगातार तीन दिन की गिरावट उन निवेशकों के लिए मौका हो सकती है जो लंबे समय के लिए सोना या चांदी खरीदना चाहते हैं। हालांकि विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि निवेश तय करते समय अपनी जोखिम क्षमता, निवेश का समय और पोर्टफोलियो का संतुलन ध्यान में रखना जरूरी है।

निष्कर्ष

कुल मिलाकर फिलहाल सोना और चांदी अपने रिकॉर्ड स्तर से कुछ नीचे जरूर आए हैं, लेकिन 2025 की जबरदस्त तेजी और आगे की मजबूत मांग को देखते हुए इनकी कीमतों में फिर से बढ़त की संभावनाएं बनी हुई हैं। वर्तमान गिरावट को कई विश्लेषक एक स्वाभाविक करेक्शन मान रहे हैं, न कि ट्रेंड में बदलाव। इसलिए आने वाले महीनों में कीमती धातुओं के बाजार पर निवेशकों और विशेषज्ञों की नजर बनी रहेगी।

Satyam Tripathi