सोनू निगम को मिला लता मंगेशकर सम्मान , 30 साल पुरानी यादें ताजा

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सोनू निगम  को मिला  लता मंगेशकर सम्मान , 30 साल पुरानी यादें ताजा

सोनू निगम को मिला 2024 का लता मंगेशकर सम्मान

इंदौर में आयोजित भव्य कार्यक्रम में प्रसिद्ध प्लेबैक सिंगर सोनू निगम को 2024 का लता मंगेशकर सम्मान प्रदान किया गया। इस अवसर पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित थे। कार्यक्रम में सोनू निगम ने अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान उनके लिए गर्व की बात है।

30 साल पुरानी यादें ताजा

सोनू निगम ने कार्यक्रम में अपनी पुरानी यादों को साझा करते हुए बताया कि 30 साल पहले वे इसी कार्यक्रम में शामिल हुए थे, जब यह सम्मान प्रसिद्ध गायक तलत महमूद को दिया गया था। उन्होंने कहा, "आज 30 साल बाद मुझे यह सम्मान प्राप्त हो रहा है। यह मेरे लिए गर्व और खुशी का पल है।"

लता मंगेशकर को दी श्रद्धांजलि

सोनू निगम ने स्वर्गीय लता मंगेशकर को याद करते हुए कहा कि वह उनके लिए मां के समान थीं और आज भी उनका आशीर्वाद उनके साथ है। उन्होंने बताया कि लता जी के नाम से जुड़े इस पुरस्कार को प्राप्त करना उनके करियर का एक अहम पड़ाव है।

मुख्यमंत्री और अन्य अतिथियों ने की प्रशंसा

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी समारोह को संबोधित करते हुए सोनू निगम की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि सोनू निगम की मखमली आवाज सभी को मंत्रमुग्ध कर देती है। समारोह में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी शिरकत की और मंच पर सोनू निगम को गले लगाकर बधाई दी।

शंकर-एहसान-लॉय के कारण हुआ बदलाव

इंदौर संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े ने बताया कि पहले यह सम्मान 2024 के लिए शंकर-एहसान-लॉय को दिया जाना था, लेकिन उनकी अनुपस्थिति के कारण इसे सोनू निगम को प्रदान किया गया।

पुरस्कार की शुरुआत और उद्देश्य

सरकार ने 1984 में लता मंगेशकर के नाम पर इस सम्मान की शुरुआत की थी। इसका उद्देश्य भारतीय शास्त्रीय, सुगम और फिल्म संगीत के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले कलाकारों को सम्मानित करना है।

सोनू निगम का संगीत सफर

सोनू निगम ने अपने करियर की शुरुआत बचपन में की थी। उनके पिता अगम कुमार निगम भी गायक थे और उनके साथ सोनू ने चार साल की उम्र में पहली बार मंच पर गाना गाया था। मोहम्मद रफी का गाना 'क्या हुआ तेरा वादा' गाकर उन्होंने सबका दिल जीत लिया था। अपनी प्रारंभिक शिक्षा पिता से प्राप्त करने के बाद उन्होंने संगीत के क्षेत्र में अपना नाम बनाया।

समारोह का समापन

कार्यक्रम के पहले दिन लता मंगेशकर सुगम संगीत राज्य स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। समारोह के दूसरे दिन सोनू निगम को सम्मानित किया गया, जिससे यह आयोजन और भी खास बन गया।