सरदार सरोवर प्रोजेक्ट पर एमपी-गुजरात की बैठक
सरदार सरोवर प्रोजेक्ट के विभिन्न मुद्दों पर मध्यप्रदेश और गुजरात सरकार के अधिकारियों के बीच उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में मुख्य रूप से देनदारी, अकाउंट सेटलमेंट और पंप स्टोरेज प्रोजेक्ट जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।
बैठक का उद्देश्य
बैठक का मुख्य उद्देश्य सरदार सरोवर प्रोजेक्ट से जुड़े विवादों को आपसी समन्वय से हल करना था। इसमें दोनों राज्यों के मुख्य सचिवों और जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में प्रोजेक्ट से संबंधित लैंड रिक्विजिशन, आर्बिट्रेशन और राजस्व, आबादी एवं वन भूमि की प्रतिपूर्ति राशि पर भी चर्चा की गई।
बिजली साझेदारी पर सहमति
बैठक में सबसे महत्वपूर्ण निर्णय पंप स्टोरेज प्रोजेक्ट को लेकर हुआ। गुजरात के गरुड़ेश्वर वियर के माध्यम से इस प्रोजेक्ट को लागू करने पर सहमति बनी। मध्यप्रदेश सरकार ने इस प्रोजेक्ट में सशर्त भागीदारी की सहमति दी, जिससे उसे उत्पन्न बिजली का 57% हिस्सा मिलेगा।
अटार्नी जनरल के समक्ष पक्ष रखने की तैयारी
बैठक में यह भी तय किया गया कि सरदार सरोवर प्रोजेक्ट से संबंधित तकनीकी और कानूनी मुद्दों को अटार्नी जनरल के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। इसके लिए दोनों राज्यों के अधिकारी संयुक्त रूप से एक मजबूत पक्ष तैयार करेंगे।
बैठक में शामिल अधिकारी
इस उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन और गुजरात के मुख्य सचिव पंकज जोशी ने की। बैठक में नर्मदा घाटी विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, सचिव जॉन किंग्सली, एसएसएनएनएल के सीएमडी मुकेश पुरी और दोनों राज्यों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
आगे की रणनीति
बैठक के दौरान यह भी निर्णय लिया गया कि दोनों राज्यों के अधिकारी अलग से बैठकर आपस में देनदारियों का आंकलन करेंगे। इसके बाद भुगतान की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इस तरह के कदम दोनों राज्यों के बीच बेहतर समन्वय और प्रोजेक्ट की सफलता को सुनिश्चित करेंगे।
सरदार सरोवर प्रोजेक्ट को लेकर दोनों राज्यों के बीच हुए इस सहयोगात्मक प्रयास से यह प्रोजेक्ट न केवल क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देगा, बल्कि ऊर्जा उत्पादन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।