विधायक टी. राजा बोले: मध्य प्रदेश में धर्मांतरण नहीं रुका तो नहीं बनेगी भगवाधारी सरकार
तेलंगाना की गोशामहल सीट से विधायक टी. राजा ने कहा है कि मध्य प्रदेश में तेजी से धर्मांतरण बढ़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इस पर ध्यान नहीं दिया गया, तो धीरे-धीरे आदिवासी और हिंदू समाज खत्म हो जाएगा। उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री से इस मुद्दे पर विचार करने का आग्रह किया।
धर्मांतरण पर सख्त कार्रवाई की मांग
राजा ने बताया कि हिंदू समाज के लोगों ने मिलकर भगवा सरकार को जिताया है, फिर भी धर्मांतरण नहीं रुक पा रहा है। उन्होंने उत्तर प्रदेश का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां अगर कोई बहन-बेटी को आँख उठाकर भी देखता है, तो सख्त कार्रवाई होती है। उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव से निवेदन किया कि हर बहन-बेटी की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और यूपी की तर्ज पर काम किया जाए। उन्होंने यह बात जबलपुर में मंगलवार को हिंदू सेवा परिषद की गदा यात्रा में शामिल होने के दौरान कही। उन्होंने नौदरा ब्रिज चौराहे पर एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि गदा यात्रा का उद्देश्य सभी को हनुमानजी जैसा बनाना है और आने वाला समय युद्ध का होगा।
कानूनों के बावजूद धर्मांतरण जारी
विधायक टी. राजा ने कहा कि मध्य प्रदेश में धर्मांतरण को लेकर कानून बना हुआ है, जिसमें आदिवासी भाइयों, माताओं-बहनों का धर्मांतरण करवाने वालों को सख्त सजा का प्रावधान है। इसके बावजूद प्रदेश में कई हिंदुओं का धर्मांतरण किया जा रहा है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह द्वारा बनाए गए लव जिहाद कानून का भी जिक्र किया और एक अंतरराष्ट्रीय बेसबॉल खिलाड़ी बहन की आत्महत्या का हवाला दिया, जिसे एक व्यक्ति ने हिंदू नाम बदलकर फँसाया था। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारें सिर्फ कानून पारित कर कागजों में रख देती हैं।
ओवैसी और पश्चिम बंगाल पर निशाना
टी. राजा ने AIMIM के ओवैसी बंधुओं पर भी निशाना साधा। उन्होंने असदुद्दीन ओवैसी पर आरोप लगाया कि वे पश्चिम बंगाल में चुनाव लड़ने नहीं, बल्कि 'धंधा' करने गए हैं। उन्होंने कहा कि ओवैसी विपक्षी पार्टियों को ब्लैकमेल करते हैं और देश में मुसलमानों के सबसे बड़े दुश्मन ओवैसी ही हैं, न कि बीजेपी। उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वे 'बौखला गई हैं' और बंगाल में भी भगवा लहराएगा। राजा ने दावा किया कि ममता बनर्जी ने बांग्लादेशियों को पनाह दे रखी है, जिनके वोट एसआईआर से कटेंगे और उन्हें वहां से जाना पड़ेगा।
Amit Pateria