ट्रम्प का चीन पर 100% टैरिफ लगाने का ऐलान, वैश्विक व्यापार में हलचल

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ट्रम्प का चीन  पर 100% टैरिफ लगाने का ऐलान, वैश्विक व्यापार में हलचल

अमेरिका-चीन व्यापार विवाद: ट्रम्प ने लगाया 100% टैरिफ

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने चीन के साथ व्यापारिक तनाव को और बढ़ाते हुए 100% टैरिफ लगाने की घोषणा की है। चीन से अमेरिका में आने वाले सामानों पर पहले से 30% टैरिफ लागू है, जिससे यह दर अब कुल 130% हो जाएगी। यह नया टैरिफ 1 नवंबर से प्रभावी होगा। इसके साथ ही ट्रम्प ने चीन से जुड़े सॉफ्टवेयर निर्यात पर नियंत्रण लगाने की बात कही है।

चीन के दुर्लभ खनिजों पर प्रतिबंध

चीन ने हाल ही में 9 अक्टूबर को अपने दुर्लभ खनिजों के निर्यात पर नए प्रतिबंध लगाए थे, जिसमें 5 नए खनिजों को शामिल किया गया। चीन के इन खनिजों का उपयोग इलेक्ट्रॉनिक्स, ईवी और रक्षा क्षेत्र में होता है। अब 17 दुर्लभ खनिजों में से 12 पर चीन का नियंत्रण हो गया है। इसके तहत, इन खनिजों का उपयोग करने वाली विदेशी कंपनियों को चीन से लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा।

वैश्विक व्यापार पर असर

चीन के इस कदम और ट्रम्प की प्रतिक्रिया से वैश्विक व्यापार को झटका लग सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि चीन की 70% दुर्लभ खनिज आपूर्ति और 90% प्रोसेसिंग पर नियंत्रण के कारण अमेरिका और उसके सहयोगी देशों की सुरक्षा और उद्योग प्रभावित हो सकते हैं। ट्रम्प ने इसे नैतिक रूप से शर्मनाक कहते हुए चीन के फैसले की आलोचना की।

शेयर बाजार में गिरावट

अमेरिका और चीन के बीच बढ़ते तनाव का असर शेयर बाजार पर भी दिखा। शुक्रवार को S&P 500 इंडेक्स में 2.7% की गिरावट आई और डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 878 अंकों तक नीचे चला गया। नैस्डैक कंपोजिट इंडेक्स भी 3.6% गिरावट के साथ बंद हुआ।

ट्रम्प और शी जिनपिंग की संभावित बैठक

ट्रम्प ने कहा कि चीन की घोषणा के बाद कई देशों ने उनसे संपर्क किया है और वे इस व्यापारिक विरोध से नाराज हैं। उन्होंने APEC में शी जिनपिंग से मुलाकात करने का कोई कारण नजर न आने की बात कही। हालांकि, ट्रम्प ने अभी तक अपनी मीटिंग रद्द नहीं की है।

ट्रम्प की रणनीति और प्रभाव

ट्रम्प का यह कदम ग्लोबल ट्रेड वॉर को फिर से भड़का सकता है। इससे न केवल अमेरिका-चीन व्यापार पर असर पड़ेगा, बल्कि वैश्विक सप्लाई चेन भी बाधित हो सकती है। इससे कीमतें बढ़ने की संभावना है।

इस घटनाक्रम पर सभी की नजरें टिकी हैं कि ट्रम्प अपनी धमकियों पर कैसे अमल करेंगे और चीन इसका जवाब कैसे देगा।