उद्धव ठाकरे ने दशहरा रैली में महाराष्ट्र सरकार पर निशाना साधा
महाराष्ट्र में शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने दशहरे के अवसर पर आयोजित रैली में सरकार पर तीखे हमले किए। उन्होंने अपने भाषण में किसानों, हिंदुत्व, और बीजेपी की नीतियों पर सवाल उठाए। यह रैली मुंबई में आयोजित की गई, जिसमें भारी संख्या में लोग शामिल हुए।
किसानों के लिए कर्ज माफी की मांग
उद्धव ठाकरे ने बारिश से प्रभावित किसानों के लिए कर्ज माफी और प्रति हेक्टेयर 50,000 रुपये की आर्थिक सहायता की मांग की। उन्होंने महाराष्ट्र सरकार पर आरोप लगाया कि बाढ़ से बर्बाद हुए राज्य के किसानों को अब तक कोई राहत नहीं दी गई है। उन्होंने कहा कि सरकार को किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता देनी चाहिए।
भाषा विवाद पर टिप्पणी
भाषा विवाद के मुद्दे पर उद्धव ठाकरे ने कहा कि शिवसेना हिंदी का विरोध नहीं करती, लेकिन अन्य भाषाओं को मराठी पर थोपने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि मराठी भाषा के साथ खिलवाड़ करने वालों को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
बीजेपी और संघ पर कटाक्ष
बीजेपी और संघ पर सवाल उठाते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि चुनाव के करीब आते ही बीजेपी हिंदू-मुसलमान मुद्दे को उभारने लगती है। उन्होंने संघ प्रमुख मोहन भागवत की मुस्लिम समुदाय से मुलाकात को लेकर तंज कसा और पूछा कि क्या संघ ने हिंदुत्व को छोड़ दिया है।
मोदी सरकार पर आरोप
उद्धव ठाकरे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार पर भी तीखे हमले किए। उन्होंने कहा कि मोदी राज में हिंदू सुरक्षित नहीं हैं और सरकार सिर्फ चुनावी लाभ के लिए काम कर रही है। उन्होंने महाराष्ट्र के बाढ़ प्रभावित इलाकों की अनदेखी पर भी सवाल उठाए।
शिंदे सरकार पर हमला
उन्होंने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को अमित शाह की पादुका उठाने वाला करार दिया और कहा कि शिंदे ने बाल ठाकरे की विचारधारा को धोखा दिया है।
जुनसुरक्षा कानून का विरोध
उद्धव ने सोनम वांगचुक के मामले को उठाते हुए जुनसुरक्षा कानून का विरोध करने की बात कही। उन्होंने कहा कि सरकार ने सोनम वांगचुक जैसे देशभक्त को जेल में डाल दिया।
रैली का समापन
रैली में उद्धव ठाकरे ने बीजेपी की नीतियों और उनके नेताओं पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पार्टी चुराने और चुनाव चिन्ह चुराने वाले नेताओं को जनता जवाब देगी।
यह रैली महाराष्ट्र की राजनीति में एक महत्वपूर्ण अध्याय साबित हो सकती है, जहां शिवसेना (यूबीटी) ने अपने विरोधियों पर तीखे हमले किए।