उज्जैन मास्टर प्लान से दूषित हुई शिप्रा नदी, सरकार करेगी सुधार
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन के मास्टर प्लान के चलते शिप्रा नदी के दूषित जल की समस्या को उजागर किया है। उन्होंने कहा कि 1974 के बाद नगर नियोजन की प्रक्रियाओं के कारण शिप्रा नदी का पानी गंदा हुआ है। इस लापरवाही को सुधारने के प्रयास सरकार द्वारा किए जा रहे हैं।
सिंहस्थ में शिप्रा जल का प्रयोग
सीएम यादव ने कहा कि सिंहस्थ में स्नान के लिए शिप्रा नदी का जल उपलब्ध कराया जाएगा, न कि नर्मदा नदी का जल। उन्होंने यह बात इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय के कार्यक्रम में कही। उन्होंने बताया कि आधुनिक बस्तियों के सीवरेज ने शिप्रा नदी के जल पर असर डाला है, जिसके कारण नर्मदा नदी का जल शिप्रा में लाया गया।
प्राकृतिक सौंदर्य और सतत विकास पर जोर
मुख्यमंत्री ने प्राकृतिक सौंदर्य और जैव विविधता को बढ़ावा देने वाले कार्यक्रमों में तेजी लाने पर जोर दिया। उन्होंने कोविड के समय भारत की जीवन शैली और दवा निर्माण में सफलता की भी सराहना की।
कार्यक्रम का आयोजन राज्य नीति आयोग, मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद और नर्मदा समग्र द्वारा किया गया। इसमें पर्यावरण और सतत प्रयासों को अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
Ravi Yadav