उज्जैन में किसानों का लैंड पुलिंग योजना के खिलाफ प्रदर्शन

· 1 min read
उज्जैन में किसानों  का लैंड पुलिंग योजना के खिलाफ प्रदर्शन

उज्जैन में किसानों का लैंड पुलिंग योजना के खिलाफ प्रदर्शन

उज्जैन में सिंहस्थ महापर्व के लिए स्थायी कुंभ नगरी बनाने के सरकारी प्रयासों के खिलाफ किसान आंदोलन तेज हो गया है। इस विरोध प्रदर्शन में अब तक 2000 ट्रैक्टर-ट्रॉली और 5000 से अधिक किसान शामिल हो चुके हैं। आंदोलनकारी किसानों का कहना है कि सरकार की लैंड पुलिंग योजना उनके हितों के खिलाफ है।

15 सूत्रीय मांगों के साथ प्रदर्शन

यह आंदोलन भारतीय किसान संघ जिला उज्जैन मालवा प्रांत के नेतृत्व में किया जा रहा है। किसान सरकार द्वारा उज्जैन और इंदौर के करीब एक लाख बीघा जमीन की लैंड पुलिंग का विरोध कर रहे हैं। उनकी मांग है कि सिंहस्थ क्षेत्र की जमीन का उपयोग स्थायी संरचनाओं के लिए न किया जाए।

प्रदर्शन का विस्तार और नेताओं की चेतावनी

इस आंदोलन में 17 गांवों के किसान भी शामिल हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो गांवों से दूध और सब्जी की आपूर्ति बंद कर दी जाएगी। किसान नेताओं ने सरकार पर आरोप लगाया कि प्रशासन बिना किसानों से चर्चा किए फैसले ले रहा है।

सरकार से संवाद की मांग

भारतीय किसान संघ के राष्ट्रीय महामंत्री मोहिनी मोहन मिश्र ने कहा कि सिंहस्थ हजारों सालों से एक परंपरा है, जिसे बिना स्थायी संरचनाओं के भी सफलतापूर्वक आयोजित किया गया है। उन्होंने सरकार से अपील की कि किसानों की समस्याओं को समझते हुए उनसे संवाद किया जाए।

रैली और सभा का आयोजन

प्रदर्शनकारियों ने सामाजिक न्याय परिसर से रैली की शुरुआत की, जो विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए कलेक्टर कार्यालय पर समाप्त होगी। यहां किसान नेता सभा को संबोधित करेंगे और ज्ञापन सौंपेंगे।

इस आंदोलन से उज्जैन और आसपास के इलाकों में यातायात प्रभावित हो सकता है। किसानों ने अपने मुद्दों को लेकर दृढ़ रुख अपनाया है और सरकार से बातचीत की उम्मीद जताई है।

यह प्रदर्शन सरकार के लिए एक चुनौती है और भविष्य में इसके समाधान के लिए सरकार और किसानों के बीच संवाद की संभावना महत्वपूर्ण होगी।