उज्जैन में ट्रैक्टर-ट्रॉली हादसा, तीन बच्चों की मौत, मुआवजे की घोषणा

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उज्जैन  में ट्रैक्टर-ट्रॉली हादसा,  तीन बच्चों  की मौत, मुआवजे की घोषणा

उज्जैन में ट्रैक्टर-ट्रॉली हादसे में तीन बच्चों की मौत

मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के पीरझालर गांव में एक दर्दनाक हादसा हुआ। गुरुवार को चंबल नदी में एक ट्रैक्टर-ट्रॉली के गिरने से तीन बच्चों की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए। यह घटना तब हुई जब माताजी के विसर्जन के लिए लोग नदी के पास पहुंचे थे।

घटना का विवरण

गुरुवार को चंबल नदी के पास माताजी का विसर्जन चल रहा था। इसी दौरान ट्रैक्टर-ट्रॉली अचानक रेलिंग तोड़ते हुए नदी में गिर गई। हादसे में पृथ्वीराज चौहान (16), वंश चौहान (8) और शुभम चौहान (16) की मौत हो गई। पृथ्वीराज और वंश को अस्पताल में मृत घोषित किया गया, जबकि शुभम का शव शुक्रवार सुबह बरामद किया गया और उसी दिन अंतिम संस्कार किया गया।

सीएम ने व्यक्त की संवेदना

घटना के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार शाम गांव पहुंचे। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और कहा कि सरकार इस दुखद समय में उनके साथ खड़ी है। सरकार ने मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपए की राहत राशि देने की घोषणा की है। साथ ही, घटना की जांच के आदेश दिए गए हैं।

कांग्रेस की मांग

इस हादसे की जानकारी मिलने के बाद कांग्रेस विधायक महेश परमार और कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने भी पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने सरकार से मृतकों के लिए 25 लाख और घायलों के लिए 10 लाख रुपए की राहत राशि की मांग की। परमार ने कहा कि इस दुख की घड़ी में राजनीति नहीं की जानी चाहिए, लेकिन पीड़ित परिवारों को पर्याप्त मदद मिलनी चाहिए।

क्षेत्रीय नेताओं की प्रतिक्रिया

सीएम के साथ इस मौके पर सांसद अनिल फिरोजिया और बड़नगर के विधायक जितेंद्र सिंह पंड्या भी मौजूद थे। उन्होंने भी परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और कहा कि इस घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है।

घायलों का इलाज जारी

इस हादसे में घायल दो बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों ने उनकी हालत स्थिर बताई है।

जांच के आदेश

सरकार ने इस घटना की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दिए हैं। रिपोर्ट आने के बाद हादसे के कारणों का पता लगाया जाएगा और संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी।

निष्कर्ष

यह हादसा पूरे क्षेत्र के लिए एक बड़ा आघात है। सरकार और प्रशासन ने अपनी तरफ से मदद का ऐलान किया है, लेकिन इस घटना ने सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।