वाराणसी में मोदी ने दिखाई 4 वंदेभारत को हरी झंडी

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वाराणसी में मोदी  ने दिखाई 4 वंदेभारत को हरी झंडी

प्रधानमंत्री मोदी ने वाराणसी में 4 वंदेभारत ट्रेनों को दिखाई हरी झंडी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी में चार नई वंदेभारत एक्सप्रेस ट्रेनों का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि ये ट्रेनें विदेशी यात्रियों को भी आश्चर्यचकित करती हैं। वंदेभारत ट्रेनें भारतीयों द्वारा, भारतीयों के लिए बनाई गई हैं और भारत के विकास का प्रतीक हैं। इस अवसर पर पीएम मोदी ने ‘नमः पार्वती पतये’ से अपना भाषण शुरू किया और 18 मिनट तक जनता को संबोधित किया।

बच्चों के साथ संवाद और कविता सुनने का भावुक पल

अपने दौरे के दौरान, पीएम मोदी ने ट्रेन में स्कूल के छात्रों से मुलाकात की। एक बच्चे ने उन्हें कविता सुनाई, जिसे पीएम ने बच्चे के कंधे पर हाथ रखकर ध्यान से सुना और उसका उत्साह बढ़ाने के लिए चुटकी बजाते रहे। यह पल वहां मौजूद सभी लोगों के लिए भावुक था।

वंदेभारत ट्रेनों के मार्ग और महत्व

पीएम मोदी ने जिन ट्रेनों का शुभारंभ किया, वे वाराणसी से खजुराहो, फिरोजपुर-दिल्ली, एर्नाकुलम-बेंगलुरु और लखनऊ से सहारनपुर के बीच चलेंगी। वाराणसी को यह आठवीं वंदेभारत ट्रेन मिली है। पीएम ने कहा कि वंदेभारत ट्रेनें देश की संस्कृति, आस्था और विकास को जोड़ने का महत्वपूर्ण काम कर रही हैं। इसके अलावा, उन्होंने यह भी कहा कि यह भारतीय रेलवे की अगली पीढ़ी की नींव रख रही हैं।

वाराणसी में यह मोदी का इस वर्ष का पांचवां दौरा था और सांसद रहते हुए उनका 53वां दौरा। पीएम के स्वागत के लिए भाजपा कार्यकर्ताओं ने पूरे 27 किलोमीटर लंबी सड़क पर उनका जोरदार स्वागत किया।

संस्कृति और विकास का संगम

पीएम मोदी ने अपने भाषण में कहा कि भारत में तीर्थ यात्राएं केवल देवदर्शन का मार्ग नहीं हैं, बल्कि यह भारत की आत्मा को जोड़ने वाली परंपरा हैं। जब ये पवित्र तीर्थ वंदेभारत नेटवर्क से जुड़ते हैं, तो यह भारत की विरासत और विकास को एक साथ जोड़ने का काम करता है।

वंदेभारत ट्रेनों की शुरुआत भारत के परिवहन और आर्थिक विकास को नई दिशा देने में मदद करेगी। ये ट्रेनें भारतीय रेलवे को आधुनिक और उन्नत बनाने का अभियान हैं।

निष्कर्ष

प्रधानमंत्री मोदी का वाराणसी दौरा न केवल नई वंदेभारत ट्रेनों की शुरुआत का प्रतीक है, बल्कि भारत की संस्कृति, विकास और आत्मा को एक साथ जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह देश के भविष्य के लिए एक प्रेरणादायक प्रयास है।

Rajesh Agnihotri