वडोदरा में राजनाथ सिंह का बयान: नेहरू, बाबरी मस्जिद और सरदार पटेल की भूमिका
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को गुजरात के वडोदरा में एक सार्वजनिक सभा को संबोधित करते हुए देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और भारत के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल से जुड़ा एक दावा किया। वे गुजरात सरकार की ओर से सरदार पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर निकाले जा रहे यूनिटी मार्च में शामिल होने पहुंचे थे। यह मार्च करमसाड़, जो सरदार पटेल का जन्मस्थान है, से स्टैच्यू ऑफ यूनिटी तक निकाला जा रहा है और 6 दिसंबर को समाप्त होगा।
नेहरू पर बाबरी मस्जिद निर्माण के लिए सरकारी धन का आरोप
अपने संबोधन के दौरान राजनाथ सिंह ने दावा किया कि जवाहरलाल नेहरू बाबरी मस्जिद के निर्माण के लिए सरकारी पैसे का उपयोग करना चाहते थे, लेकिन सरदार वल्लभभाई पटेल ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया। उन्होंने कहा कि पटेल ने इस मामले में हस्तक्षेप कर सरकारी धन के इस्तेमाल पर आपत्ति जताई थी।
सोमनाथ मंदिर और जनता के दान का संदर्भ
राजनाथ सिंह ने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण से जुड़ा प्रसंग भी सामने रखा। उन्होंने बताया कि जब नेहरू ने सोमनाथ मंदिर पर किए गए खर्च का मुद्दा उठाया, तो सरदार पटेल ने स्पष्ट किया था कि इस मंदिर के लिए करीब 30 लाख रुपये जनता के दान से जुटाए गए थे और इसके लिए एक ट्रस्ट बनाया गया था। राजनाथ के अनुसार, पटेल ने यह भी कहा था कि सोमनाथ मंदिर पर सरकारी पैसा खर्च नहीं किया गया था।
भारत रत्न और स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर टिप्पणी
रक्षा मंत्री ने अपने भाषण में नेहरू और सरदार पटेल की तुलना करते हुए कहा कि नेहरू ने स्वयं को भारत रत्न से सम्मानित किया था। इसके विपरीत, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्णय का उल्लेख करते हुए कहा कि पीएम मोदी ने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी बनाकर सरदार पटेल को उचित सम्मान देने का फैसला किया, जिसे उन्होंने सराहनीय काम बताया। स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को सरदार पटेल के प्रति सम्मान और कृतज्ञता के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया गया।
यूनिटी मार्च और सरदार पटेल की जयंती
राजनाथ सिंह गुजरात सरकार द्वारा आयोजित यूनिटी मार्च में भाग लेने के लिए वडोदरा पहुंचे थे। यह मार्च सरदार पटेल की 150वीं जयंती को समर्पित है और करमसाड़ से शुरू होकर स्टैच्यू ऑफ यूनिटी तक जा रहा है। मार्ग में साधली गांव सहित कई स्थानों पर सभाएं आयोजित की जा रही हैं, जिनमें राजनाथ सिंह ने भी लोगों को संबोधित किया।
राजनाथ सिंह के हालिया बयान: ऑपरेशन सिंदूर का उदाहरण
राजनाथ सिंह से जुड़ी एक अन्य हालिया खबर में बताया गया कि उन्होंने 28 नवंबर को देहरादून में आयोजित एक कार्यक्रम में 'ऑपरेशन सिंदूर' का जिक्र किया था। उन्होंने कहा था कि इस ऑपरेशन के बाद देश में जिस तरह मॉक ड्रिल्स आयोजित की गईं और लोक सेवकों ने उसे सफल बनाया, वह प्रशासन की दक्षता का उदाहरण है। राजनाथ के अनुसार, भारतीय सेना ने पाकिस्तान स्थित आतंकी कैंपों को नष्ट किया था और भारत ने संतुलित तरीके से जवाब दिया।
अपने विभिन्न बयानों के माध्यम से राजनाथ सिंह ने सरदार पटेल की भूमिका, सरकारी धन के उपयोग, और वर्तमान सरकार द्वारा पटेल को दिए जा रहे सम्मान को रेखांकित किया, साथ ही हालिया सुरक्षा अभियानों और प्रशासनिक तत्परता पर भी जोर दिया।
Arvind Vishwakarma