मध्य प्रदेश में 27-28 जनवरी को बारिश और ठंड बढ़ने का पूर्वानुमान
मध्य प्रदेश के लगभग आधे हिस्से में 27 और 28 जनवरी को बारिश और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया गया है। भारत मौसम विभाग (मौसम केंद्र, भोपाल) के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर रहा वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) इस समय मजबूत है और इसका असर प्रदेश पर भी दिखाई देगा।
सक्रिय मौसम प्रणाली और हाल की बारिश
मौसम विभाग ने बताया कि उत्तर भारत में दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन, एक लो प्रेशर एरिया और ट्रफ की एक्टिविटी दर्ज की गई है। इन्हीं सिस्टमों के कारण पिछले 24 घंटे में ग्वालियर-चंबल संभाग के जिलों में बारिश हुई। कई जिलों में बादल छाए रहे और छतरपुर, रतलाम सहित 10 से अधिक जिलों में तेज हवाएं चलीं। भोपाल में भी दिन के समय बादल छाए रहे।
नरसिंहपुर जिले के सालीचौका क्षेत्र में शनिवार देर शाम करीब 20 से 25 मिनट तक तेज बारिश दर्ज की गई। अचानक हुई बारिश से सड़कों पर फिसलन बढ़ी, जिसके चलते दोपहिया वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
अगले दो दिन हल्की ठंड, फिर कड़ाके की सर्दी की वापसी
मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिन तक तेज ठंड की संभावना नहीं है, हालांकि सुबह के समय हल्के से मध्यम कोहरे की स्थिति बनी रह सकती है। शनिवार को भोपाल, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, आगर-मालवा, राजगढ़, विदिशा, सागर, शाजापुर, सीहोर, रायसेन, निवाड़ी सहित 22 जिलों में हल्के से मध्यम कोहरे की स्थिति रही। दतिया में सबसे घना कोहरा दर्ज हुआ, जबकि भोपाल और नौगांव में विजिबिलिटी कम रही। विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि महीने के आखिरी दिनों में कड़ाके की सर्दी का एक और दौर लौट सकता है।
न्यूनतम तापमान: मंदसौर सबसे ठंडा
शुक्रवार-शनिवार की रात के दौरान मंदसौर प्रदेश का सबसे ठंडा शहर रहा, जहां न्यूनतम तापमान 7.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राजगढ़ में 7.4 डिग्री, नीमच के मरुखेड़ा में 7.9 डिग्री, कल्याणपुर में 8.2 डिग्री, पचमढ़ी में 8.2 डिग्री और कटनी के करौंदी में 9.2 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
पांच बड़े शहरों में न्यूनतम तापमान की बात करें तो भोपाल में 12.5 डिग्री, इंदौर में 12.2 डिग्री, ग्वालियर में 13.3 डिग्री, उज्जैन में 12.8 डिग्री और जबलपुर में 15.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।
दिन के तापमान में तेज गिरावट, दतिया सबसे ठंडा
शनिवार को सुबह कोहरे और दिन में सर्द हवाओं के कारण मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। ग्वालियर-चंबल संभाग में दिन का तापमान खासा गिरा और दतिया सबसे ठंडा रहा, जहां अधिकतम तापमान 18.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। यहां एक ही दिन में पारे में लगभग 9 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। खजुराहो में भी 8 डिग्री की गिरावट के बाद अधिकतम तापमान 21.4 डिग्री रहा।
मौसम विभाग के अनुसार गुना में अधिकतम तापमान 18.7 डिग्री, टीकमगढ़ में 19 डिग्री, श्योपुर में 19.4 डिग्री, ग्वालियर और धार में 20 डिग्री, खजुराहो में 21.4 डिग्री, उज्जैन में 21.5 डिग्री, रतलाम में 21.2 डिग्री, इंदौर में 22 डिग्री, नौगांव में 22.5 डिग्री और भोपाल में 23.1 डिग्री सेल्सियस रहा। विभाग ने रविवार को भी दिन के तापमान में और गिरावट की संभावना जताई है।
वेस्टर्न डिस्टरबेंस क्या है
मौसम विभाग के अनुसार वेस्टर्न डिस्टरबेंस पश्चिम से आने वाली हवा और बादलों का एक मौसमीय सिस्टम होता है। इसके सक्रिय होने पर पहाड़ी इलाकों में हिमपात और मैदानी क्षेत्रों में बारिश होती है। जब यह सिस्टम आगे निकल जाता है, तो उत्तर से आने वाली ठंडी हवाएं बढ़ जाती हैं, जिससे दिन और रात दोनों समय ठंड का असर अधिक रहता है। जनवरी में इसी सिस्टम के कारण मावठा (फसली बारिश) भी होती है और इस साल भी महीने के आखिरी सप्ताह में बारिश और बादल वाला मौसम शुरू हो गया है।
जनवरी: ठंड के लिए सबसे अहम महीना
मौसम विभाग के विश्लेषण के अनुसार, जैसे जून से सितंबर के चार मानसूनी महीनों में जुलाई-अगस्त सबसे ज्यादा बारिश वाले माने जाते हैं, उसी तरह कड़ाके की ठंड के लिए दिसंबर और जनवरी सबसे अहम हैं। इन दो महीनों में उत्तर भारत से सर्द हवाओं का आगमन अधिक होता है, जिससे तापमान में उल्लेखनीय गिरावट आती है और सर्द हवाएं लंबे समय तक चलती हैं। पिछले 10 साल के आंकड़े भी इसी ट्रेंड की पुष्टि करते हैं।
जनवरी में बड़े शहरों का ऐतिहासिक तापमान रिकॉर्ड
भोपाल
भोपाल में जनवरी के महीने में कड़ाके की ठंड के साथ दिन में कभी-कभी गर्माहट और बारिश का मिश्रित ट्रेंड देखा जाता है। 18 जनवरी 1935 को यहां का रात का न्यूनतम तापमान 0.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जो रिकॉर्ड स्तर है। 26 जनवरी 2009 को दिन का अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। पिछले 10 वर्षों में से 7 साल जनवरी में बारिश दर्ज की गई है। 24 घंटे में सबसे ज्यादा 2 इंच बारिश 6 जनवरी 2004 को हुई, जबकि जनवरी 1948 में सर्वाधिक मासिक 3.8 इंच बारिश रिकार्ड पर है।
इंदौर
इंदौर में जनवरी के महीने में सर्दी का रिकॉर्ड माइनस में पहुंच चुका है। 16 जनवरी 1935 को यहां न्यूनतम तापमान माइनस 1.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो शहर का समग्र रिकॉर्ड है। 27 जनवरी 1990 को दिन का अधिकतम तापमान 33.9 डिग्री सेल्सियस रहा। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश का रिकॉर्ड 6 जनवरी 1920 के नाम है, जब 3 इंच से अधिक बारिश हुई। इसी वर्ष जनवरी में कुल 4 इंच मासिक बारिश दर्ज की गई थी।
जबलपुर
जबलपुर में भी जनवरी के दौरान ठंड और बारिश का पैटर्न स्पष्ट दिखाई देता है। 7 जनवरी 1946 को रात का न्यूनतम तापमान 1.1 डिग्री सेल्सियस के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा। वहीं 7 जनवरी 1973 को दिन का अधिकतम तापमान 33.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 24 घंटे में सर्वाधिक 2.5 इंच बारिश 24 जनवरी 1919 को हुई थी और इसी साल जनवरी में कुल 8 इंच से अधिक मासिक बारिश रिकार्ड की गई।
ग्वालियर
उत्तरी हवाओं के कारण ग्वालियर-चंबल क्षेत्र को प्रदेश का सबसे ठंडा इलाका माना जाता है। जनवरी में यहां कड़ाके की सर्दी का ट्रेंड रहता है। पिछले 10 वर्षों के रिकॉर्ड में 2018 में न्यूनतम तापमान 1.9 डिग्री और 2019 में 2.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 24 जनवरी 1954 को रात का तापमान माइनस 1.1 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था। 2014 से 2024 के बीच 9 वर्षों में जनवरी में बारिश दर्ज की जा चुकी है। 24 घंटे में सर्वाधिक 2.1 इंच बारिश का रिकॉर्ड 8 जनवरी 1926 का है, जबकि जनवरी 1948 में कुल 3.1 इंच मासिक बारिश हुई थी।
उज्जैन
उज्जैन में भी उत्तरी हवाओं का असर स्पष्ट दिखता है और जनवरी में तेज ठंड पड़ती है। 22 जनवरी 1962 को यहां न्यूनतम तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस तक गिर गया था। पिछले 10 सालों में जनवरी के दौरान यहां का तापमान 2 से 5.8 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश का रिकॉर्ड 11 जनवरी 1987 का है, जब लगभग सवा इंच बारिश हुई। वर्ष 1994 में जनवरी महीने में 2.2 इंच कुल मासिक बारिश रिकार्ड पर है।
निष्कर्ष: बारिश, कोहरा और ठंडी हवाओं का मिश्रित दौर जारी
कुल मिलाकर मजबूत वेस्टर्न डिस्टरबेंस और अन्य सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण मध्य प्रदेश में फिलहाल बारिश, कोहरा और ठंडी हवाओं का मिश्रित दौर जारी है। 27 और 28 जनवरी को प्रदेश के बड़े हिस्से में बारिश और गरज-चमक की संभावना है। अगले दो दिनों तक अत्यधिक ठंड से कुछ राहत मिल सकती है, लेकिन महीने के अंतिम चरण में एक बार फिर कड़ाके की सर्दी लौटने के संकेत मौसम विभाग दे रहा है।
Satyam Tripathi