विजयपुर विधायक के चुनाव निरस्त करने के फैसले पर 15 दिन की रोक
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने विजयपुर विधानसभा सीट से विधायक मुकेश मल्होत्रा के चुनाव को निरस्त करने वाले अपने ही फैसले के प्रभाव पर 15 दिन की अंतरिम रोक लगा दी है। यह राहत इसलिए दी गई है ताकि मल्होत्रा इस फैसले को चुनौती देने के लिए सुप्रीम कोर्ट जा सकें। सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद ही विधानसभा सचिवालय आगे की कार्रवाई करेगा।
चुनाव निरस्त करने का कारण
यह मामला चुनाव याचिका क्रमांक EP-24/2024 से संबंधित है, जिसे याचिकाकर्ता रामनिवास रावत ने विजयपुर विधानसभा चुनाव को चुनौती देते हुए दायर किया था। हाईकोर्ट ने सुनवाई के बाद पाया कि विधायक मुकेश मल्होत्रा ने नामांकन के समय अपने आपराधिक मामलों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी छिपाई थी। अदालत ने इसे मतदाताओं को गुमराह करने और ‘अनुचित प्रभाव’ (Undue Influence) डालने की श्रेणी में माना, जो जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत भ्रष्ट आचरण है। न्यायमूर्ति जी.एस. अहलूवालिया की एकलपीठ ने निष्कर्ष निकाला कि उम्मीदवार ने दो लंबित आपराधिक मामलों में आरोप तय होने की जानकारी पूर्ण रूप से उजागर नहीं की और मतदाताओं तक यह जानकारी विस्तृत रूप से प्रकाशित भी नहीं कराई गई थी, जैसा कि कानून में अपेक्षित है। इस जानकारी को छिपाने से मतदाताओं के स्वतंत्र और सूचित मतदान के अधिकार पर प्रभाव पड़ा। इन निष्कर्षों के आधार पर अदालत ने मुकेश मल्होत्रा का चुनाव शून्य (null and void) घोषित कर दिया था और याचिकाकर्ता रामनिवास रावत को संबंधित विधानसभा क्षेत्र से निर्वाचित घोषित किया था।
15 दिन की अंतरिम राहत क्यों मिली?
फैसले के तुरंत बाद, मुकेश मल्होत्रा की ओर से प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 116-B के तहत एक आवेदन दायर किया गया। इसमें अदालत से आग्रह किया गया कि निर्णय के प्रभाव और संचालन पर कुछ समय के लिए रोक लगाई जाए, ताकि वे सुप्रीम कोर्ट में अपील कर सकें। मल्होत्रा की ओर से बताया गया कि यदि फैसले पर तत्काल रोक नहीं लगी तो उन्हें विधायक पद खाली करना पड़ेगा, जिससे उन्हें अपूरणीय क्षति होगी। हालांकि, चुनाव याचिकाकर्ता की ओर से इस आवेदन का विरोध किया गया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, हाईकोर्ट ने फैसले के प्रभाव पर 15 दिन की अंतरिम रोक लगा दी, ताकि मुकेश मल्होत्रा सुप्रीम कोर्ट से राहत मांग सकें।
विधानसभा सचिवालय का रुख
हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ द्वारा दिए गए आदेश को लेकर विधानसभा सचिवालय सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का इंतजार करेगा। यदि विधायक मुकेश मल्होत्रा को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिलती है, तो विधानसभा सचिवालय फिर नोटिफिकेशन जारी करके आगे की कार्रवाई करेगा।
कांग्रेस पार्टी की प्रतिक्रिया
इस फैसले पर कांग्रेस पार्टी ने भी प्रतिक्रिया दी। जीतू पटवारी ने कहा कि एक हारे हुए प्रत्याशी को विजयी घोषित कराने की साजिश के तहत एक आदिवासी विधायक का चुनाव शून्य घोषित करवाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी गई। उन्होंने इसे लोकतंत्र और संविधान की मूल भावना पर सीधा आघात बताया और कहा कि कांग्रेस पार्टी इस अन्याय के खिलाफ मजबूती से खड़ी है।
Gulzar Ahmad