विनेश फोगाट ने लिया संन्यास वापस, निशाना अब LA 2028

· 1 min read
विनेश फोगाट ने लिया संन्यास वापस, निशाना अब LA 2028

विनेश फोगाट ने लिया संन्यास वापस, अब लक्ष्य लॉस एंजिलिस 2028 ओलिंपिक

भारतीय महिला पहलवान और हरियाणा की कांग्रेस विधायक विनेश फोगाट ने कुश्ती से लिया अपना संन्यास वापस ले लिया है। उन्होंने घोषणा की है कि वह 2028 में होने वाले लॉस एंजिलिस ओलिंपिक में भाग लेने की तैयारी करेंगी। यह फैसला उन्होंने पेरिस ओलिंपिक में अपने विवादित डिसक्वालिफिकेशन और भावनात्मक संन्यास के महीनों बाद लिया है।

सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट के साथ वापसी की घोषणा

विनेश फोगाट ने सोशल मीडिया पर एक लंबा नोट लिखकर बताया कि उन्हें अब भी कुश्ती से प्रेम है और वह फिर से मैट पर लौटना चाहती हैं। उन्होंने लिखा कि पेरिस ओलिंपिक के बाद उन्हें खुद से, दबाव से और उम्मीदों से दूर जाने की जरूरत थी। इस दूरी ने उन्हें अपने सफर के महत्व, संघर्षों और त्याग को नए नजरिए से समझने का समय दिया।

उन्होंने स्वीकार किया कि समय के साथ उन्हें महसूस हुआ कि उनकी भीतर की आग खत्म नहीं हुई, बल्कि शोर और थकान के नीचे दब गई थी। विनेश ने कहा कि अनुशासन, रूटीन और लड़ाई अब उनके स्वभाव का हिस्सा बन चुके हैं और चाहे वह कितनी भी दूर चली जाएं, उनका एक हिस्सा हमेशा मैट पर ही रहता है।

पेरिस ओलिंपिक में डिसक्वालिफिकेशन के बाद लिया था संन्यास

पेरिस 2024 ओलिंपिक में विनेश फोगाट 50 किलोग्राम वर्ग में फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बनी थीं। उन्होंने प्री-क्वार्टरफाइनल में विश्व चैंपियन जापान की युई सुसाकी, क्वार्टरफाइनल में यूक्रेन की ओकसाना लिवाच और सेमीफाइनल में क्यूबा की गुजमान लोपेज को हराकर फाइनल में जगह बनाई थी।

फाइनल से कुछ घंटे पहले वजन माप में उनका वजन निर्धारित लिमिट से 100 ग्राम अधिक पाया गया, जिसके कारण ओलिंपिक नियमों के तहत उन्हें डिसक्वालिफाई कर दिया गया। उनकी जगह सेमीफाइनल में उनसे हार चुकी क्यूबा की पहलवान गुजमान लोपेज फाइनल में उतरीं, जहां वह अमेरिकी रेसलर सारा एन हिल्डरब्रांट से हार गईं।

डिसक्वालिफाई होने के लगभग 17 घंटे बाद विनेश ने सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट लिखकर कुश्ती से संन्यास की घोषणा कर दी थी। उन्होंने अपने संदेश में लिखा था कि कुश्ती उनके ऊपर जीत गई और उनकी हिम्मत टूट चुकी है। 2001 से शुरू हुए अपने कुश्ती करियर को अलविदा कहते हुए उन्होंने सभी से माफी भी मांगी थी।

पहले दो ओलिंपिक अभियानों का सफर

लॉस एंजिलिस 2028 विनेश का संभावित चौथा ओलिंपिक होगा। इससे पहले वह 2016 के रियो और 2020 के टोक्यो तथा 2024 के पेरिस ओलिंपिक में हिस्सा ले चुकी हैं। रियो ओलिंपिक में वह चोटिल होकर बाहर हो गई थीं, जबकि टोक्यो में उन्हें क्वार्टरफाइनल मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा था। पेरिस में वे अपने सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में नजर आ रही थीं और उनसे गोल्ड मेडल की उम्मीद की जा रही थी, लेकिन वजन संबंधी नियम के कारण उनका अभियान अधूरा रह गया।

राजनीति और निजी जीवन के साथ नई शुरुआत

कुश्ती से संन्यास लेने के बाद विनेश ने राजनीति में कदम रखा और 2024 में हरियाणा के जुलाना विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़कर विधायक बनीं। इसी वर्ष जुलाई में वह मां भी बनीं और बेटे के जन्म के बाद उनका निजी जीवन एक नए अध्याय में प्रवेश कर गया।

अपने हालिया बयान में विनेश ने कहा कि इस बार वह अपने सफर में अकेली नहीं होंगी, बल्कि उनका बेटा उनकी टीम और सबसे बड़ी प्रेरणा के रूप में साथ चलेगा। उन्होंने बेटे को अपने छोटे चीयरलीडर के रूप में बताते हुए कहा कि लॉस एंजिलिस ओलिंपिक तक का यह सफर अब वह परिवार और टीम के साथ मिलकर तय करेंगी।

फिर से मैट पर लौटने का संकल्प

विनेश ने स्पष्ट किया कि उन्हें अपने भीतर की आग और जुनून दोबारा महसूस हुआ है। वे मानती हैं कि उनका खेल और उनकी पहचान अभी अधूरी नहीं है। उन्होंने लिखा कि उनका दिल अब निडर है और उनकी भावना झुकने से इनकार करती है। इसी भरोसे के साथ वह एक बार फिर अखाड़े में उतरने को तैयार हैं।

निष्कर्ष: संघर्षों के बाद नई उम्मीद की कहानी

विनेश फोगाट की संन्यास वापसी की घोषणा केवल एक खिलाड़ी की व्यक्तिगत वापसी नहीं, बल्कि हार, टूटन और आत्ममंथन के बाद उठ खड़े होने की मिसाल भी है। पेरिस ओलिंपिक में मात्र 100 ग्राम वजन के कारण छिन गई ऐतिहासिक उपलब्धि ने उन्हें गहरा आघात पहुंचाया था, लेकिन समय के साथ उन्होंने खुद को संभाला और नई शुरुआत का फैसला लिया। अब उनकी नजर लॉस एंजिलिस 2028 ओलिंपिक पर है, जहां वह अपने अधूरे सपनों को पूरा करने की कोशिश करेंगी।

Janmejay Chaturvedi