विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की समयसीमा बढ़ी, अब 11 दिसंबर तक फॉर्म जमा
देश में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया की समयसीमा चुनाव आयोग ने बढ़ा दी है। पश्चिम बंगाल और केरल में मतदाता सूची से जुड़ी महत्वपूर्ण तिथियों में बदलाव किया गया है, ताकि गणना फॉर्म जमा करने और उनके डिजिटाइजेशन का काम सुचारु रूप से पूरा हो सके।
पश्चिम बंगाल और केरल में नई अंतिम तिथियां
पश्चिम बंगाल में गणना फॉर्म जमा करने की अंतिम तिथि पहले 4 दिसंबर थी, जिसे बढ़ाकर अब 11 दिसंबर कर दिया गया है। इसके साथ ही, ड्राफ्ट मतदाता सूची की प्रकाशन तिथि 9 दिसंबर से बदलकर 16 दिसंबर कर दी गई है।
इसी तरह केरल में भी गणना फॉर्म 11 दिसंबर तक जमा किए जा सकेंगे और वहां भी ड्राफ्ट मतदाता सूची 16 दिसंबर को ही जारी की जाएगी।
ड्राफ्ट से लेकर अंतिम मतदाता सूची तक का शेड्यूल
चुनाव आयोग के संशोधित कार्यक्रम के अनुसार, पोलिंग स्टेशनों को ठीक करने या पुनः व्यवस्थित करने का काम 11 दिसंबर तक पूरा करना होगा। 12 से 15 दिसंबर के बीच कंट्रोल टेबल को अपडेट करने और ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल तैयार करने का कार्य किया जाएगा।
16 दिसंबर को ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल प्रकाशित होने के बाद, मतदाता 15 जनवरी तक अपने दावे और आपत्तियां दर्ज कर सकेंगे। निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी को 16 दिसंबर से 7 फरवरी के बीच प्राप्त गणना फॉर्म पर निर्णय लेने और सभी दावों तथा आपत्तियों के निपटारे के निर्देश दिए गए हैं।
13 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू एसआईआर
एसआईआर संशोधन प्रक्रिया कुल 13 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू है। इन सभी स्थानों के लिए चुनाव आयोग ने निर्देशों के अनुसार प्रक्रिया पूरी करने के बाद अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित करने का कार्यक्रम तय किया है।
अंतिम मतदाता सूची फरवरी 2026 में
समयसीमा बढ़ाने के बावजूद अंतिम मतदाता सूची जारी करने की तिथि निर्धारित रखी गई है। जानकारी के अनुसार, अंतिम मतदाता सूची 14 फरवरी 2026 को जारी की जाएगी। आयोग का कहना है कि यह संशोधित कैलेंडर पूरे एसआईआर प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से पूरा करने के लिए तैयार किया गया है।
बीएलओ को मिली राहत
चुनाव आयोग का मानना है कि शेड्यूल में किए गए बदलाव से उन बूथ स्तर अधिकारियों (बीएलओ) को बड़ी राहत मिलेगी, जिन्होंने अभी तक गणना फॉर्म जमा करने और उन्हें डिजिटाइज करने का काम पूरा नहीं किया है। अतिरिक्त समय मिलने से वे अपने बचे हुए कार्य बिना दबाव के पूरा कर सकेंगे और मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाया जा सकेगा।
Adarsh Chaurasiya