भोपाल लिटरेचर एंड आर्ट फेस्टिवल 2026 में बीएलएफ–मंजुल कविता लेखन प्रतियोगिता की घोषणा
राजधानी भोपाल में अगले वर्ष होने वाले प्रतिष्ठित भोपाल लिटरेचर एंड आर्ट फेस्टिवल (बीएलएफ) के आठवें संस्करण में छात्रों के लिए बहुप्रतीक्षित बीएलएफ–मंजुल पोएट्री राइटिंग कॉन्टेस्ट आयोजित किया जाएगा। यह प्रतियोगिता युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने और उन्हें साहित्य एवं रचनात्मक लेखन की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से रखी गई है।
फेस्टिवल की तारीखें और स्थान
भोपाल लिटरेचर एंड आर्ट फेस्टिवल का आयोजन 9 से 11 जनवरी 2026 तक भारत भवन में किया जाएगा। यह तीन दिवसीय कार्यक्रम साहित्यिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का एक बड़ा मंच होगा, जिसमें देशभर से करीब 100 प्रख्यात साहित्यकार, लेखक, प्रबंधन विशेषज्ञ, उद्यमी और वरिष्ठ सिविल सेवक भाग लेंगे। फेस्टिवल के दौरान पाठकों, लेखकों और छात्रों के लिए लगभग 50 सत्र आयोजित किए जाएंगे।
कविता लेखन प्रतियोगिता की मुख्य शर्तें
बीएलएफ–मंजुल पोएट्री राइटिंग कॉन्टेस्ट में प्रतिभागियों को अधिकतम 30 पंक्तियों और एक पेज की कविता भेजनी होगी। कविता को पीडीएफ फॉर्मेट में अपलोड करना अनिवार्य होगा। इस पीडीएफ में किसी भी प्रकार का स्कूल या कॉलेज का नाम और कोई चित्र शामिल नहीं होना चाहिए, ताकि मूल्यांकन केवल रचना के आधार पर हो सके।
विजेताओं की घोषणा और मंच पर प्रस्तुति
प्रतियोगिता के विजेताओं की घोषणा 6 जनवरी 2026 तक ईमेल और मोबाइल नंबर के माध्यम से कर दी जाएगी। चयनित प्रतिभागियों को 11 जनवरी को दोपहर 1:30 बजे भारत भवन के मंच पर अपनी कविता प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। फेस्टिवल निदेशक राघव चंद्रा ने कहा कि विजेताओं को न केवल सम्मानित किया जाएगा, बल्कि उन्हें मंच से काव्य पाठ करने का मौका भी दिया जाएगा, जिससे छात्रों की लेखन और प्रस्तुति दोनों प्रकार की प्रतिभाओं को पहचान और प्रोत्साहन मिलेगा।
छात्रों में पढ़ने और साहित्य के प्रति रुचि बढ़ाने की पहल
मंजुल पब्लिशिंग हाउस के प्रबंध निदेशक विकास राखेजा ने कहा कि यह पहल छात्रों में पढ़ने की आदत विकसित करने और साहित्य के प्रति उनकी रुचि बढ़ाने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उनके अनुसार, ऐसे मंचों के माध्यम से युवा पीढ़ी को साहित्यिक अभिव्यक्ति के अवसर मिलते हैं और वे अनुभवी साहित्यकारों से सीधे संवाद कर पाते हैं।
इस प्रकार, भोपाल लिटरेचर एंड आर्ट फेस्टिवल 2026 न केवल देशभर के साहित्यकारों और विशेषज्ञों का संगम होगा, बल्कि छात्रों के लिए अपनी रचनात्मक क्षमता प्रदर्शित करने और सम्मान प्राप्त करने का एक महत्वपूर्ण अवसर भी प्रदान करेगा।
Adarsh Chaurasiya