यूपी-एमपी बॉर्डर चेक पॉइंट्स पर अवैध वसूली रोकने सख्त कदम
यूपी-एमपी बॉर्डर पर स्थित परिवहन चेक पॉइंट्स से अवैध वसूली और दलाली की शिकायतों के बाद प्रशासन ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। इन शिकायतों के मद्देनज़र परिवहन विभाग और स्थानीय प्रशासन ने मिलकर नई व्यवस्था लागू की है।
निजी व्यक्तियों द्वारा गाड़ी चेक करने पर एफआईआर
निर्देशों के अनुसार अब किसी भी चेक पॉइंट पर यदि कोई निजी व्यक्ति गाड़ियों की जांच करते हुए पाया जाता है, तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। प्रशासन का मानना है कि दलालों और निजी लोगों की मौजूदगी से अवैध वसूली को बढ़ावा मिलता है और विभाग की छवि खराब होती है।
वर्दी और नेम प्लेट अनिवार्य
अवैध वसूली और बिचौलियों की भूमिका पर रोक लगाने के लिए परिवहन विभाग के सभी अफसरों और कर्मचारियों के लिए वर्दी में तैनात रहना अनिवार्य कर दिया गया है। साथ ही, उन्हें ड्यूटी के दौरान नेम प्लेट लगाना भी जरूरी होगा, ताकि उनकी पहचान स्पष्ट रहे और जवाबदेही तय हो सके।
कैमरों से बढ़ेगी पारदर्शिता और निगरानी
मऊगंज कलेक्टर संजय कुमार जैन ने बताया कि चेक पॉइंट्स पर पारदर्शिता और निगरानी बढ़ाने के लिए बॉर्डर एरिया में कैमरे लगाए जाएंगे। इससे गाड़ियों की जांच की प्रक्रिया पर सतत निगरानी रखी जा सकेगी और किसी भी तरह की अनियमितता को रिकॉर्ड किया जा सकेगा।
45 चेक पॉइंट्स पर तुरंत लागू होंगे निर्देश
परिवहन आयुक्त विवेक शर्मा के अनुसार, मऊगंज कलेक्टर और एसपी से चर्चा के बाद ये फैसले लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि दलालों की मौजूदगी न केवल अवैध वसूली बढ़ाती है, बल्कि विभाग की साख को भी नुकसान पहुंचाती है। जारी किए गए नए निर्देश प्रदेश के 45 चेक पॉइंट्स पर तत्काल प्रभाव से लागू किए जाएंगे।
निष्कर्ष
इन सख्त कदमों के जरिए प्रशासन का लक्ष्य यूपी-एमपी बॉर्डर के परिवहन चेक पॉइंट्स पर पारदर्शिता बढ़ाना, अवैध वसूली पर अंकुश लगाना और विभाग की विश्वसनीयता को मजबूत करना है।
Pushpendra Chaubey