उत्तर प्रदेश में भाजपा के मंत्री और विधायक के बीच सार्वजनिक खींचतान
उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के भीतर चल रही आंतरिक खींचतान एक बार फिर सार्वजनिक रूप से सामने आ गई है। यह घटना तब हुई जब जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह एक 'युवा उद्घोष' कार्यक्रम से लौट रहे थे, और चरखारी से भाजपा विधायक ब्रजभूषण राजपूत ने लगभग 100 ग्राम प्रधानों और समर्थकों के साथ उनका रास्ता रोक दिया।
‘जल जीवन मिशन’ में अनियमितताओं को लेकर विवाद
विवाद का मुख्य कारण चरखारी विधानसभा क्षेत्र में ‘जल जीवन मिशन’ के तहत हो रहे कार्यों की खराब गुणवत्ता थी। विधायक और ग्राम प्रधानों का आरोप था कि कई गांवों में घरों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है और सड़कों को खोदकर अधूरा छोड़ दिया गया है, जिससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विधायक इन्हीं मुद्दों को लेकर मंत्री से बात करना चाहते थे।
झड़प और प्रशासनिक हस्तक्षेप
मुलाकात के दौरान स्थिति उस समय बिगड़ गई, जब विधायक के समर्थकों और मंत्री के सुरक्षा कर्मियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जो जल्द ही झड़प में बदल गई। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और सुरक्षा कर्मियों को हस्तक्षेप करना पड़ा। इसके बाद, मंत्री स्वतंत्र देव सिंह विधायक ब्रजभूषण राजपूत को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे, जहां सभी ग्राम प्रधानों के साथ पानी और सड़कों की समस्याओं पर एक बैठक शुरू की गई।
विपक्ष ने भाजपा पर साधा निशाना
इस पूरी घटना पर विपक्षी दलों ने भाजपा सरकार पर निशाना साधना शुरू कर दिया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर तंज कसते हुए कहा कि भाजपा के ‘डबल इंजन’ ही नहीं, बल्कि डिब्बे भी आपस में टकरा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के मंत्री और विधायक जनता या विकास का काम नहीं कर रहे हैं और एक-दूसरे पर दोष मढ़ रहे हैं। कांग्रेस ने भी इस घटना को भाजपा सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए ‘जल जीवन मिशन’ में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया।
पिछली घटनाओं से जुड़ाव
यह घटना भाजपा के भीतर बढ़ते विवादों की श्रृंखला से जुड़ी हुई देखी जा रही है। हाल ही में, गोसाईगंज में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की उपस्थिति में भाजपा जिला अध्यक्ष और एक नेता के बीच धक्का-मुक्की हुई थी। इसी तरह, अयोध्या में भी स्थानीय नेताओं और प्रशासन के बीच समन्वय की कमी सामने आई थी। चरखारी की यह ताजा घटना, गोसाईगंज की झड़प और अयोध्या से जुड़े पुराने मामलों ने पार्टी के भीतर आंतरिक कलह और समन्वय की कमी को उजागर कर दिया है। फिलहाल, चरखारी मामले में प्रशासनिक स्तर पर बातचीत जारी है।
Bhavanesh Soni