यूपी विधानमंडल का शीतकालीन सत्र शुरू, अनुपूरक बजट और वंदे मातरम पर होगी बहस
उत्तर प्रदेश विधानमंडल का शीतकालीन सत्र शुक्रवार से शुरू हो गया है, जो 24 दिसंबर तक चलेगा। यह सत्र अवधि में छोटा है, लेकिन इसके दौरान सरकार और विपक्ष के बीच तीखी राजनीतिक तकरार की संभावना जताई जा रही है।
पहले दिन शोक प्रस्ताव, फिर अवकाश और अनुपूरक बजट
सत्र के पहले दिन मऊ की घोसी सीट से समाजवादी पार्टी के विधायक सुधाकर सिंह के निधन पर शोक प्रस्ताव रखा जाएगा। इसके बाद शनिवार और रविवार को सदन की कार्यवाही स्थगित रहेगी। 22 दिसंबर को विधानसभा में अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा, जिस पर चर्चा के बाद उसे पारित कराया जाएगा।
सपा की रणनीति: एसआईआर, कोडिन कफ सिरप, कानून-व्यवस्था पर हमले की तैयारी
समाजवादी पार्टी ने सत्र के दौरान सरकार को घेरने के लिए रणनीति तैयार की है। सपा लगातार एसआईआर को लेकर भाजपा सरकार को कटघरे में खड़ा कर रही है और माना जा रहा है कि सदन में इस मुद्दे पर हंगामा हो सकता है।
इसके अलावा कोडिन कफ सिरप मामले में कार्रवाई को लेकर सपा सरकार पर भेदभाव के आरोप लगाती रही है और इस मुद्दे को भी जोरदार तरीके से उठाने की संभावना है। सपा विधायक कानून-व्यवस्था, खाद की कालाबाजारी, गन्ना किसानों के बकाया भुगतान, महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर भी सरकार को कठघरे में खड़ा कर सकते हैं।
सरकार की तैयारी: हर सवाल का जवाब देने का दावा
राज्य सरकार ने विपक्ष के सवालों का जवाब देने के लिए व्यापक तैयारी की है। मंत्रियों को निर्देश दिया गया है कि वे हर प्रश्न के उत्तर के लिए पूरी तरह तैयार रहें। सरकार का दावा है कि सदन में उठने वाले हर मुद्दे का मजबूती से जवाब दिया जाएगा।
सत्र के दौरान सदन के भीतर और बाहर संभावित हंगामे को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। विधान भवन परिसर की सुरक्षा, यातायात व्यवस्था, आगंतुकों और वाहनों की जांच, क्यूआरटी टीम, अग्निशमन उपकरण और दमकल वाहनों की व्यवस्था पर संबंधित अधिकारियों की बैठक में विस्तार से समीक्षा की गई।
वंदे मातरम पर चार से पांच घंटे की विशेष चर्चा
विधान भवन में कार्य-मंत्रणा समिति की बैठक में सभी दलों के नेताओं ने सदन की कार्यवाही को शालीनता और संसदीय मर्यादा के अनुरूप चलाने में सहयोग का आश्वासन दिया। बैठक में निर्णय लिया गया कि सोमवार को अनुपूरक बजट के बाद वंदे मातरम पर विशेष चर्चा कराई जाएगी।
लोकसभा की तर्ज पर उत्तर प्रदेश विधानसभा में भी यह चर्चा लगभग चार से पांच घंटे तक चलेगी। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने सभी दलों के नेताओं से अपील की कि वे अपने विचार सकारात्मक संवाद और संसदीय परंपराओं के अनुरूप रखें। उन्होंने कहा कि संवाद और सार्थक चर्चा के माध्यम से ही लोकतंत्र को सशक्त बनाया जा सकता है।
संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि सरकार सदन में उठाए जाने वाले हर विषय पर गंभीरता से उत्तर देने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने सभी सदस्यों से सदन की गरिमा बनाए रखने और शांतिपूर्ण सहयोग की अपील की।
विधान परिषद की तैयारी: प्रभावी और सुचारू संचालन पर जोर
डिप्टी सीएम और विधान परिषद में नेता सदन केशव प्रसाद मौर्य ने लखनऊ में उत्तर प्रदेश विधान परिषद की कार्य-परामर्शदात्री समिति की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि शीतकालीन सत्र के दौरान विधान परिषद के प्रभावी और सुचारू संचालन के लिए सभी दलों का सहयोग जरूरी है।
उन्होंने आश्वासन दिया कि सभी सदस्यों के प्रश्नों का प्रतिउत्तर समयावधि में सदन के पटल पर निर्णय के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। बैठक में सभापति विधान परिषद कुंवर मानवेंद्र सिंह की अध्यक्षता में आगामी कार्यवाही, सत्र संचालन, प्रश्नकाल, शून्यकाल, विधायी कार्यों की रूपरेखा और समय-सारिणी से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई।
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि विधान परिषद की कार्यवाही को अधिक प्रभावी, सुचारु और जनहितकारी बनाने के लिए संतुलित और व्यवस्थित कार्ययोजना आवश्यक है। उन्होंने लोकतांत्रिक मूल्यों, संसदीय मर्यादाओं और सदन की गरिमा बनाए रखने पर जोर देते हुए कहा कि सार्थक चर्चा के माध्यम से जनकल्याण से जुड़े विषयों को प्रमुखता दी जानी चाहिए ताकि प्रदेश की जनता को प्रत्यक्ष लाभ मिल सके।
सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह ने कहा कि कार्य-परामर्शदात्री समिति का उद्देश्य सदन की कार्यवाही को सुव्यवस्थित ढंग से संचालित करना है। कैबिनेट मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने भी परिषद की कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए आवश्यक बिंदुओं पर प्रकाश डाला। बैठक सौहार्दपूर्ण और सकारात्मक माहौल में संपन्न हुई, जिसमें आगामी कार्यवाही को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय और सहमति बनी।
Adarsh Chaurasiya