बड़वानी की प्रियंका का दिल्ली में ऑपरेशन, राहुल गांधी ने निभाया वादा

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बड़वानी की प्रियंका का दिल्ली में ऑपरेशन, राहुल गांधी ने निभाया वादा

बड़वानी की प्रियंका सेंगर का दिल्ली में आंख का ऑपरेशन संपन्न

मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले की सेंधवा तहसील के पाडछा गांव की रहने वाली प्रियंका सेंगर का दिल्ली में आंख का ऑपरेशन हो गया है। बचपन में जब वे सिर्फ तीन साल की थीं, तब उनकी एक आंख में चूना चला गया था, जिससे उस आंख की रोशनी चली गई थी। 12वीं कक्षा की पढ़ाई के दौरान बड़ौदा में उनकी आंख का एक ऑपरेशन कराया गया था, लेकिन डॉक्टरों ने एक और ऑपरेशन की सलाह दी थी। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण आगे का इलाज नहीं हो सका। प्रियंका के पिता उदय सिंह सेंगर किसान हैं और परिवार के पास करीब तीन एकड़ जमीन है, लेकिन सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं होने से खेती से ज्यादा कमाई नहीं हो पाती।

19 अक्टूबर को इंदौर में आयोजित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में प्रियंका ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को अपनी परेशानी बताई थी। कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी की नजर प्रियंका की आंख पर पड़ी और उन्होंने उसी कार्यक्रम में उनके इलाज का भरोसा दिया था। प्रियंका ने इस कार्यक्रम में केवल आंख के इलाज की मांग ही नहीं उठाई थी, बल्कि आदिवासी क्षेत्रों के सरकारी हॉस्टलों में सीटों की कमी, खाने और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं के बारे में भी बताया था। उन्होंने कहा था कि वे कक्षा 1 से 12वीं तक सरकारी हॉस्टल में रहकर पढ़ी हैं और कई बार हॉस्टल में ठीक से खाना नहीं मिलता था, ऐसे में घर से लाई लाल मिर्च की चटनी और रोटी खाकर गुजारा करना पड़ता था। उन्होंने हॉस्टल में वार्डन द्वारा छात्राओं से काम करवाए जाने का मुद्दा भी उठाया था।

कार्यक्रम के बाद इलाज की प्रक्रिया शुरू हुई

'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के बाद दिल्ली से राहुल गांधी की टीम की एक महिला ने प्रियंका के परिवार से संपर्क किया और उन्हें इलाज के लिए दिल्ली आने को कहा। इसके बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, समाजसेवी सरदार नरगावे और विधायक विक्रांत भूरिया ने भी परिवार से संपर्क किया। इसके बाद इलाज की प्रक्रिया शुरू हुई और प्रियंका को दिल्ली बुलाया गया।

इलाज के बाद प्रियंका घर लौट आई हैं। दिल्ली से वापसी के दौरान उन्होंने फ्लाइट से एक वीडियो जारी किया, जिसमें उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए राहुल गांधी का आभार जताया और 'थैंक्यू राहुल भैया' लिखा। प्रियंका के लिए यह सिर्फ ऑपरेशन के बाद घर लौटना नहीं, बल्कि बचपन से देखे सपने के करीब पहुंचने की उम्मीद है। वे चाहती हैं कि अब दोनों आंखों से दुनिया देख सकें और अपनी पढ़ाई पूरी कर भविष्य के सपनों को पूरा कर सकें। प्रियंका फिलहाल इंदौर में रहकर यूजीसी-नेट की तैयारी कर रही हैं और आंख में परेशानी होने के बावजूद उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी।

L. N. Bhargava