बगहा में चुनाव बहिष्कार: 15 हजार वोटर्स ने ठुकराया मतदान
बिहार के बगहा जिले के रामनगर विधानसभा क्षेत्र के दोन पंचायत के 22 गांवों में 15 हजार वोटर्स ने सामूहिक रूप से चुनाव का बहिष्कार किया। इन गांवों में मतदान के लिए 19 बूथ बनाए गए थे, लेकिन शाम 4 बजे तक केवल एक वोट डाला गया। ग्रामीणों ने जगह-जगह पोस्टर लगाकर अपनी नाराजगी जाहिर की। इन पोस्टरों में लिखा था- "सड़क नहीं तो वोट नहीं", "बिजली नहीं तो वोट नहीं", "शिक्षा नहीं तो वोट नहीं", और "स्वास्थ्य सुविधा नहीं तो वोट नहीं"।
बुनियादी सुविधाओं की कमी से नाराजगी
ग्रामीणों का कहना है कि आजादी के 78 साल बाद भी उनके इलाके में सड़क, बिजली, पुल-पुलिया और मोबाइल नेटवर्क जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। हर चुनाव में नेता वादे करते हैं, लेकिन जीतने के बाद कोई वापस नहीं आता। इस कारण उन्होंने मतदान से दूरी बनाने का निर्णय लिया।
प्रशासन की कोशिशें नाकाम
चुनाव बहिष्कार की सूचना मिलने के बाद रामनगर के ब्लॉक विकास अधिकारी (BDO), अंचलाधिकारी (CO) और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को मतदान के लिए समझाने की कोशिश की, लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ। बगहा एसपी ने भी ग्रामीणों से संवाद किया, लेकिन विरोध जारी रहा।
अन्य क्षेत्रों में भी बहिष्कार
अररिया जिले के किसमत खाबसपुर पंचायत के बूथ संख्या 33 पर पुल की मांग को लेकर मतदान का बहिष्कार किया गया। वहीं, सीतामढ़ी जिले के बथनाहा विधानसभा क्षेत्र में तीन बूथों पर ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन द्वारा निर्दोष लोगों पर मामले दर्ज करने के विरोध में मतदान नहीं किया।
Lokendra Mishra