भोपाल 5 नंबर री-डेवलपमेंट को मंजूरी, ईएमसी 2.0 का ₹121 करोड़ टेंडर फाइनल

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भोपाल 5 नंबर री-डेवलपमेंट को मंजूरी, ईएमसी 2.0 का ₹121 करोड़ टेंडर फाइनल

भोपाल के 5 नंबर री-डेवलपमेंट और ईएमसी 2.0 प्रोजेक्ट को बड़ी मंजूरी

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में 5 नंबर स्थित रविशंकर शुक्ल मार्केट के री-डेवलपमेंट प्रोजेक्ट और बैरसिया तहसील के ग्राम बांदीखेड़ी में इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर 2.0 प्रोजेक्ट की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। इन प्रोजेक्ट्स से शहरी विकास और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्र में नई संभावनाएं खुलने की उम्मीद है।

आरएसएस मार्केट री-डेवलपमेंट प्रोजेक्ट को प्रशासकीय स्वीकृति

भोपाल के 5 नंबर स्थित रविशंकर शुक्ल मार्केट, जिसे मध्यप्रदेश का पहला री-डेवलपमेंट प्रोजेक्ट बताया गया है, के विकास का रास्ता साफ हो गया है। इस प्रोजेक्ट को हाउसिंग बोर्ड की संचालक मंडल की बैठक में प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। साथ ही टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग से भी इस प्रोजेक्ट को मंजूरी मिल चुकी है।

बैठक की अध्यक्षता मंडल के चेयरमैन और नगरीय आवास एवं विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने की। बैठक में विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे, वित्त विभाग के उप सचिव आनंद पटले, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के संयुक्त संचालक केएस गवली, हाउसिंग बोर्ड के कमिश्नर राहुल हरिदास फटिंग और बोर्ड की मुख्य प्रशासकीय अधिकारी तृप्ति श्रीवास्तव मौजूद थे।

इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर 2.0 के पहले चरण का टेंडर फाइनल

राजधानी की बैरसिया तहसील के ग्राम बांदीखेड़ी में विकसित किए जा रहे इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (ईएमसी 2.0) प्रोजेक्ट के पहले चरण के विकास का टेंडर भी अंतिम रूप से तय कर दिया गया है। पहले राउंड का यह टेंडर 121 करोड़ रुपये का है।

यह प्रोजेक्ट 210.21 एकड़ क्षेत्र में 371 करोड़ 95 लाख रुपये की कुल लागत से विकसित किया जा रहा है। इसमें से 146 करोड़ 63 लाख रुपये केंद्र सरकार और 225 करोड़ 32 लाख रुपये राज्य सरकार की ओर से वहन किए जाएंगे।

ईएमसी 2.0: एक ही कैंपस में सभी सुविधाएं

इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर 2.0 को कवर्ड कैंपस में एक बिजनेस पार्क के रूप में विकसित किया जाएगा। पूरे प्रोजेक्ट में इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन और विनिर्माण उद्योग से जुड़ी आवश्यक सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध कराने की योजना है।

कैंपस में एक एकड़ से लेकर पांच एकड़ तक के कमर्शियल प्लॉट आईटी मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों को आवंटित किए जाएंगे। इसके साथ ही परिसर में एसटीपी, ईटीपी, कैफेटेरिया जैसी सहायक सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।

इस प्रोजेक्ट के तहत एमपीएसईडीसी का एक प्रशासनिक भवन भी बनाया जाएगा। राज्य सरकार इस परियोजना को डिजिटल इंडिया और मेक इन इंडिया पहल के तहत आगे बढ़ा रही है, ताकि इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण और संबंधित सेवाओं के लिए बेहतर औद्योगिक माहौल तैयार किया जा सके।

निष्कर्ष

भोपाल के 5 नंबर री-डेवलपमेंट प्रोजेक्ट को मिली स्वीकृति और ईएमसी 2.0 के पहले चरण के टेंडर के फाइनल होने से राज्य में शहरी पुनर्विकास और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ने की संभावनाएं मजबूत हुई हैं। दोनों प्रोजेक्ट्स को सरकार के व्यापक विकास और औद्योगिक नीति के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में देखा जा रहा है।

Vivek Singh