भोपाल में घंटों तक थमी रफ्तार, मुख्य सड़कों पर भारी जाम
रविवार को भोपाल की कई प्रमुख सड़कों पर लोगों को भीषण ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ा। भारत टॉकीज से लेकर ऐशबाग और आसपास के इलाकों में वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं, जिससे आम लोगों की दिनचर्या बुरी तरह प्रभावित हुई।
पांच घंटे से ज्यादा समय तक सड़कें रहीं जाम
दोपहर एक बजे से शाम छह बजे तक भारत टॉकीज से सेंट्रल लाइब्रेरी, बाग उमराव दूल्हा, ऐशबाग, बरखेड़ी और जिंसी तक पूरे रूट पर ट्रैफिक लगभग रेंगता हुआ चलता रहा। ट्रक, बस, कार और मोटरसाइकिलें सड़क पर एक-दूसरे से सटी हुई फंसी रहीं और वाहन इंच-इंच आगे बढ़ पा रहे थे।
लंबे जाम के कारण बुजुर्गों, महिलाओं और छोटे बच्चों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। गर्मी और भीड़ के बीच कई लोग थककर परेशान हो गए। धक्का-मुक्की, वाहनों की मामूली टक्कर और आपसी बहस की स्थिति कई जगह देखने को मिली, जहां ड्राइवर आपस में उलझते भी रहे।
ट्रैफिक पुलिस की गैरमौजूदगी पर सवाल
जाम के दौरान पूरे रूट पर न तो ट्रैफिक पुलिस का अमला दिखाई दिया और न ही स्थानीय थानों की कोई सक्रिय मौजूदगी दिखी। लोगों का आरोप है कि इतने बड़े और आम समस्या वाले रूट पर ट्रैफिक प्रबंधन के लिए कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई है।
इस मार्ग से रोजाना बाग उमराव दूल्हा, पुष्पा नगर, अशोका गार्डन, भोपाल जंक्शन, महामाई का बाग, सुंदर नगर और कम्मू का बाग जैसे क्षेत्रों में रहने वाली करीब चार लाख की आबादी आवाजाही करती है। ऐसे में जब भी जाम लगता है, तो हजारों लोग सीधे तौर पर प्रभावित होते हैं।
ढांचा कमजोर, समस्याएं लगातार
बीते करीब सवा साल से बोगदा पुल से वाहनों की आवाजाही बंद है, जिससे ट्रैफिक का दबाव वैकल्पिक मार्गों पर बढ़ गया है। उधर ऐशबाग की पुलिया पहले से ही संकरी है, जिस कारण वहां अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है। पुलिया की चौड़ाई कम होने और वैकल्पिक मार्गों की कमी की वजह से ट्रैफिक आसानी से निकल नहीं पाता।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बोगदा पुल बंद होने के बाद से इस क्षेत्र में जाम की समस्या नियमित हो गई है, लेकिन इसके बावजूद न तो ट्रैफिक पुलिस द्वारा स्थायी ड्यूटी लगाई गई है और न ही प्रशासन ने सड़क चौड़ीकरण या उचित डायवर्जन जैसे उपाय किए हैं।
नतीजा: रोजमर्रा की परेशानी, समाधान का इंतजार
रविवार को लगे इस भीषण जाम ने एक बार फिर भोपाल के इस हिस्से में ट्रैफिक प्रबंधन की कमजोरियों को उजागर कर दिया। घंटों जाम में फंसे रहने के बाद लोग मुश्किल से अपनी मंजिल तक पहुंच पाए।
स्थानीय निवासियों और नियमित यात्रियों की मांग है कि बोगदा पुल की समस्या जल्द हल की जाए, ऐशबाग पुलिया को सुरक्षित रूप से चौड़ा किया जाए और इस पूरे रूट पर ट्रैफिक पुलिस की स्थायी तैनाती की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की स्थिति से बचा जा सके। फिलहाल लोग रोज-रोज लगने वाले जाम के बीच जल्द समाधान की उम्मीद लगाए हुए हैं।
Satyam Tripathi