भोपाल के प्रांजल शर्मा वेब सीरीज ‘औकात के बाहर’ में बने जूनियर एल्विश
यंग राजवीर के किरदार से मिली नई पहचान
सोशल मीडिया स्टार एल्विश यादव की नई वेब सीरीज ‘औकात के बाहर’ में भोपाल के 12 वर्षीय कलाकार प्रांजल शर्मा ने जूनियर एल्विश की भूमिका निभाई है। सीरीज में एल्विश यादव मुख्य किरदार राजवीर के रूप में नजर आते हैं, जबकि प्रांजल ने उनके बचपन यानी यंग राजवीर का चरित्र प्ले किया है।
थिएटर से फिल्मों और वेब सीरीज तक की यात्रा
भोपाल में रहने वाले प्रांजल शर्मा ने मात्र तीन साल की उम्र में थिएटर शुरू किया। वे वरिष्ठ रंगकर्मी केजी त्रिवेदी ‘चच्चा’ के शिष्य हैं और त्रिकर्षि नाट्य संस्था से जुड़े हुए हैं। अब तक वे 20 से अधिक नाटकों में अभिनय कर चुके हैं।
थिएटर के साथ-साथ प्रांजल ने फिल्मों में भी काम किया है। उन्होंने ‘स्त्री 2’, ‘दुर्गामती’, ‘कठहल’, ‘सेल्फी’ और ‘डरन-छू’ जैसी फिल्मों में अभिनय किया है। इसके अलावा वे कई विज्ञापन फिल्मों, वेब सीरीज और टीवी शोज में भी दिखाई दे चुके हैं। टीवी पर वे ‘मौका-ए-वारदात’ और ‘सावधान इंडिया’ जैसे कार्यक्रमों में नज़र आए हैं।
खेलो इंडिया इवेंट में प्रांजल ने मैस्कॉट ‘मोगली’ का रूप धारण कर भी दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया था, जिससे उन्हें अलग तरह की पहचान मिली।
वेब सीरीज की शूटिंग का अलग अनुभव
प्रांजल के अनुसार, वेब सीरीज में काम करना उनके लिए अनोखा और यादगार अनुभव रहा। उन्होंने सामान्य प्रक्रिया के तहत ऑडिशन देकर ‘औकात के बाहर’ में अपनी जगह बनाई। वे बताते हैं कि थिएटर और कैमरा एक्टिंग दोनों अलग क्षेत्र हैं, लेकिन उनकी नजर में थिएटर थोड़ा बेहतर है, क्योंकि वहां से मजबूत आधार और अनुशासन मिलता है।
उन्होंने बताया कि इस सीरीज की शूटिंग के दौरान उन्हें रात 8 बजे से सुबह 4 बजे तक एक प्राइवेट हॉस्पिटल में काम करना पड़ा। खून-खराबे वाले सीन और बारिश वाले दृश्य उनके लिए खास तौर पर यादगार रहे।
प्रांजल ने बताया कि दाहोद गांव में, मंडी दीप क्षेत्र में पूरे दिन चलने वाली शूटिंग उनके लिए एक अद्भुत अनुभव रही। लंबी शिफ्ट, अलग-अलग लोकेशन और गहन दृश्यों ने उन्हें बहुत कुछ सीखने का मौका दिया।
निष्कर्ष
कम उम्र में ही प्रांजल शर्मा ने थिएटर, फिल्मों, टीवी शोज और वेब सीरीज के माध्यम से अपने अभिनय कौशल का प्रभाव दिखाया है। ‘औकात के बाहर’ में यंग राजवीर की भूमिका ने उन्हें नई पहचान दी है और उनके करियर में इसे एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।
Faraz Khan