भोपाल के सरपंच सम्मेलन में मुख्यमंत्री का बड़ा बयान
भोपाल के जंबूरी मैदान में प्रदेश स्तरीय सरपंच सम्मेलन आयोजित हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस कार्यक्रम में पंचायतों को मजबूत बनाने और सरपंचों के अधिकार बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने सचिवों के कामकाज पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि यदि सचिव काम नहीं करेगा तो उसे हटा दिया जाएगा।
सरपंचों को अधिकार और योजनाओं की प्राथमिकता
सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने सरपंचों को 25 लाख तक के कामों का अधिकार देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि पंचायतों को मजबूत बनाने और त्रिस्तरीय शासन प्रणाली में उनकी भूमिका को सशक्त करना सरकार की प्राथमिकता है। पंचायत मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने भी स्पष्ट किया कि संवाद में सरकार कोई कमी नहीं रखेगी।
नई योजनाएं और पंचायतों का विकास
सीएम ने घोषणा की कि 2026 को कृषि आधारित उद्योग का वर्ष घोषित किया जाएगा और पंचायतों के माध्यम से रोजगार के अवसर बढ़ाए जाएंगे। साथ ही, हर गांव में मुक्ति धाम बनाने और अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासन की मदद सुनिश्चित की जाएगी। विदिशा की तर्ज पर नए गांवों को बसाने की योजना पर भी चर्चा हुई।
दिल्ली ब्लास्ट के मृतकों को श्रद्धांजलि
कार्यक्रम के दौरान दिल्ली में हुए ब्लास्ट के मृतकों के लिए दो मिनट का मौन रखा गया। मुख्यमंत्री ने घटना को नहीं भूलने और गृह मंत्री अमित शाह को पूरी जानकारी देने की बात कही।
पंचायत मंत्री की विचारधारा
पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल ने रिकॉर्ड रूम की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि पंचायतें अपने इलाके का पूरा इतिहास जानती हैं। उन्होंने सरपंचों को सशक्त करने और उनके काम को प्राथमिकता देने की बात कही।
इस सम्मेलन ने पंचायतों के विकास और सरपंचों की जिम्मेदारियों को लेकर नए दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। सरकार ने पंचायतों की भूमिका को सशक्त करने की दिशा में कई बड़े कदम उठाने की घोषणा की।
Sachin Saxena