इंदौर हाईकोर्ट में जजों की कमी पर बार एसोसिएशन ने चीफ जस्टिस को लिखा पत्र

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इंदौर हाईकोर्ट में जजों की कमी पर बार एसोसिएशन ने चीफ जस्टिस को लिखा पत्र

इंदौर हाईकोर्ट में जजों के रिक्त पद भरने की मांग: हाई कोर्ट बार एसोसिएशन ने चीफ जस्टिस को लिखा पत्र; पेंडिंग मामलों पर जताई चिंता

हाईकोर्ट बार एसोसिएशन, इंदौर ने सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस को पत्र लिखकर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच में रिक्त न्यायाधीश पदों को शीघ्र भरने की मांग की है। एसोसिएशन ने कहा है कि न्यायाधीशों की कमी के कारण न्यायिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं और बड़ी संख्या में मामले लंबित हो रहे हैं।

न्यायाधीशों की संख्या में कमी

संघ के अध्यक्ष मनीष यादव और सचिव मनीष गड़कर द्वारा हस्ताक्षरित पत्र में बताया गया है कि इंदौर बेंच में न्यायाधीशों के लगभग 13 पद स्वीकृत हैं, लेकिन वर्तमान में केवल 7 न्यायमूर्ति ही कार्यरत हैं। हाल ही में प्रशासनिक न्यायमूर्ति विजय कुमार शुक्ला और न्यायमूर्ति विनोद कुमार द्विवेदी के सेवानिवृत्त होने के बाद न्यायाधीशों की संख्या और कम हो गई है, जिससे न्यायिक व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है।

पेंडिंग मामलों की बढ़ती संख्या

बार एसोसिएशन ने पत्र में उल्लेख किया है कि न्यायाधीशों की कमी के कारण मामलों के निराकरण की गति प्रभावित हो रही है। बड़ी संख्या में प्रकरण लंबित हैं और अधिवक्ताओं, पक्षकारों तथा आम नागरिकों को अनावश्यक विलंब का सामना करना पड़ रहा है। इससे त्वरित एवं प्रभावी न्याय की संवैधानिक अवधारणा भी प्रभावित हो रही है।

शीघ्र नियुक्तियों की मांग

एसोसिएशन ने चीफ जस्टिस से आग्रह किया है कि इंदौर बेंच में स्वीकृत न्यायाधीश पदों पर जल्द नियुक्तियां सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक संवैधानिक एवं प्रशासनिक प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। पत्र में कहा गया है कि रिक्त पदों को भरने से लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे में मदद मिलेगी और न्याय प्राप्ति की प्रक्रिया को गति मिलेगी।

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश को भी भेजी प्रति

इस संबंध में भेजे गए पत्र की प्रति मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति विवेक रूसिया को भी प्रेषित की गई है। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने उम्मीद जताई है कि न्यायपालिका के शीर्ष स्तर पर इस विषय पर सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा, जिससे अधिवक्ताओं, पक्षकारों और आम नागरिकों को समयबद्ध न्याय मिल सके।

Adarsh Chaurasiya