सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को SIR प्रक्रिया पर जानकारी पेश करने का निर्देश दिया

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सुप्रीम कोर्ट  ने चुनाव आयोग को  SIR प्रक्रिया  पर जानकारी पेश करने का निर्देश दिया

सुप्रीम कोर्ट ने SIR प्रक्रिया पर चुनाव आयोग से जानकारी मांगी

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को SIR (वोटर वेरिफिकेशन) प्रक्रिया पर सुनवाई करते हुए चुनाव आयोग को 3.66 लाख वोटर्स की जानकारी गुरुवार शाम तक अदालत में पेश करने का निर्देश दिया। इस मामले में वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण और अभिषेक मनु सिंघवी ने अपनी दलीलें पेश की।

प्रशांत भूषण ने उठाए पारदर्शिता पर सवाल

वकील प्रशांत भूषण ने सुप्रीम कोर्ट में आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने मतदाता सूची को साफ करने की बजाय समस्या को और बढ़ा दिया है। उन्होंने कहा कि इसमें पारदर्शिता का अभाव है और आयोग ने दिशानिर्देशों के अनुसार जानकारी अपलोड नहीं की है।

कोर्ट में पेश हुई 65 व्यक्तियों की सूची

सुनवाई के दौरान 65 व्यक्तियों की एक सूची पेश की गई, जिनके हलफनामे दाखिल किए जा सकते हैं। प्रशांत भूषण ने यह भी कहा कि अंतिम सूची आने के बाद कुछ विश्लेषण किया गया, जिसमें महिलाओं और मुसलमानों के अनुपातहीन बहिष्कार की बात सामने आई।

अभिषेक मनु सिंघवी का तर्क

वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने अपने तर्क में कहा कि जिन 3.66 लाख लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं, उनमें से किसी को भी नोटिस नहीं मिला। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया मानकों का पालन नहीं करती।

कोर्ट की प्रतिक्रिया

कोर्ट ने कहा कि उसने निर्देश दिया था कि सभी जिलों में नामों को बोर्ड पर लगाया जाए। लेकिन प्रशांत भूषण ने दावा किया कि ऐसा नहीं किया गया। कोर्ट ने चुनाव आयोग से पूछा कि क्या 3.66 लाख लोगों में से किसी ने शिकायत दर्ज कराई है, जिस पर आयोग ने कहा कि किसी ने कोई शिकायत नहीं की है।

आयोग को गुरुवार तक जानकारी पेश करने का निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को निर्देश दिया कि जो भी उपलब्ध जानकारी है, उसे गुरुवार शाम तक पेश किया जाए। मामले की अगली सुनवाई 9 अक्टूबर को होगी।

पिछली सुनवाई में क्या हुआ?

15 सितंबर को हुई पिछली सुनवाई में याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि चुनाव आयोग प्रक्रिया का पालन नहीं कर रहा है। कोर्ट ने कहा कि यदि बिहार में SIR प्रक्रिया में कोई अवैधता पाई जाती है, तो पूरी प्रक्रिया को रद्द किया जा सकता है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि उसका अंतिम फैसला केवल बिहार में ही नहीं, बल्कि पूरे भारत में SIR प्रक्रिया पर लागू होगा।

निष्कर्ष

SIR प्रक्रिया को लेकर सुप्रीम कोर्ट में बहस जारी है। कोर्ट ने चुनाव आयोग को पारदर्शिता सुनिश्चित करने और सभी आवश्यक जानकारी समय पर पेश करने का निर्देश दिया है। अगली सुनवाई में इस मामले पर और गहराई से चर्चा होने की संभावना है।