भोपाल में युवा विधायक सम्मेलन: राजनीति में मर्यादा और अनुशासन पर जोर
मध्य प्रदेश विधानसभा, भोपाल में एक दो दिवसीय युवा विधायक सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के 50 से अधिक युवा विधायक शामिल हुए। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य लोकतंत्र, जनभागीदारी और विकसित भारत 2047 के विजन पर गहन चर्चा करना था।
मुख्य वक्ताओं ने दी अहम सलाह
सम्मेलन का शुभारंभ पारंपरिक लोक नृत्य और ग्रुप फोटो के साथ हुआ। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी, संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह सहित कई प्रमुख नेता उपस्थित थे। दो दिनों तक चलने वाले इस सम्मेलन में कुल पांच सत्र आयोजित किए गए।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के विचार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने युवा विधायकों को संबोधित करते हुए कहा कि राजनीति में विनम्रता और मर्यादा अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों को अपने क्षेत्र की अच्छाइयों और कमजोरियों दोनों को समझने की सलाह दी। डॉ. यादव ने व्यस्तता के बावजूद स्वाध्याय और स्वास्थ्य का ध्यान रखने की बात पर जोर दिया और कहा कि कठिन परिस्थितियों में शांत रहकर समाधान खोजना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि सत्ता स्थायी नहीं होती और सार्वजनिक जीवन का असर परिवार पर नहीं पड़ना चाहिए। मुख्यमंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि आज पूरा विश्व भारत की ओर देख रहा है, जो 2047 के अमृत काल की दिशा में आगे बढ़ रहा है और भारत का मजबूत लोकतंत्र अन्य देशों के लिए प्रेरणास्रोत है।
राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी का वक्तव्य
राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने इस सम्मेलन को संवाद का एक महत्वपूर्ण मंच बताया और कहा कि लोकतंत्र भारत की मूल भावना में निहित है। उन्होंने संसदीय लोकतंत्र में आने वाली चुनौतियों का जिक्र करते हुए कहा कि विरोध हमेशा तार्किक होना चाहिए। देवनानी ने विधायकों को सदन में पूरा समय देने, अनुभवी सदस्यों को सुनने और नागरिकों के साथ संवाद को मजबूत करने की सलाह दी। उन्होंने भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने और नागरिक निगरानी समितियों के गठन का भी सुझाव दिया।
संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की राय
संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने जनप्रतिनिधियों को सलाह दी कि उनके कार्यालयों में समस्या लेकर आने वाले लोगों को समाधान मिलना चाहिए, और वहां गुस्से के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सोशल मीडिया का सावधानीपूर्वक और सकारात्मक तरीके से उपयोग करने पर भी जोर दिया।
पहले दिन तीन सत्रों में नागरिक भागीदारी और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में युवा विधायकों की भूमिका पर चर्चा हुई। दूसरे दिन ‘विकसित भारत 2047: युवा विधायकों के दायित्व एवं चुनौतियां’ विषय पर मंथन किया जाएगा। समापन सत्र में राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश सिंह और एमआईटी पुणे के चेयरमैन डॉ. राहुल वी. कराड शामिल होंगे।
Ravi Yadav